बैंकों में घुसकर कर्मचारियों पर हमला… नहीं चलेगा, एक्शन में आया वित्त मंत्रालय

Bank Employee Safety: वित्त मंत्रालय ने बैंक कर्मचारियों की सुरक्षा को गंभीरता से लेते हुए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखी है. इसमें असामाजिक तत्वों द्वारा बैंक शाखाओं में उत्पात रोकने और बैंकिंग सेवाओं तक जनता की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. मंत्रालय ने जिला प्रशासन और पुलिस को सतर्क रहने, संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की है. इससे बैंक कर्मचारियों को सुरक्षित वातावरण और जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी.

Bank Employee Safety: बैंकों में घुसकर उसके कर्मचारियों पर बदमाशों का हमला अब नहीं चलेगा. देश के सरकारी और प्राइवेट बैंकों के कर्मचारियों पर होने वाले हमलों के बाद वित्त मंत्रालय एक्शन में आ गया है. उसने देश की राज्य सरकारों को चिट्ठी लिखकर बैंकों में सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही है. राज्य सरकारों को लिखी गई चिट्ठी में उसने साफ-साफ कहा है कि बदमाशों के हमले की वजह से बैंकों के कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और जनता का बैंकिंग सिस्टम से भरोसा उठ रहा है.

बैंकिंग सेवाओं में बाधा बन रहे बदमाश

अपनी चिट्ठी में वित्त मंत्रालय ने लिखा है, ”हाल के दिनों में सोशल मीडिया और अखबारों की रिपोर्टों के जरिए यह सामने आया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में बैंक कर्मचारियों को बदमाशों द्वारा धमकाने, गाली-गलौच करने और यहां तक कि शारीरिक हमलों का भी सामना करना पड़ रहा है. इन घटनाओं से न केवल बैंकिंग सेवाएं बाधित हो रही हैं, बल्कि बैंक कर्मियों का मनोबल भी गिर रहा है और आम जनता का बैंकिंग सिस्टम पर से विश्वास भी डगमगा रहा है.”

वित्त मंत्रालय ने राज्यों को लिखी चिट्ठी

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में उन्होंने बैंक कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जनता की निर्बाध बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है.

स्थानीय प्रशासन को निर्देश देने की अपील

नागराजू ने अपनी चिट्ठी में आग्रह किया है कि राज्य सरकारें जिला मजिस्ट्रेटों और स्थानीय पुलिस प्रशासन को उपयुक्त निर्देश जारी करें, ताकि बैंक शाखाओं में किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधियों को रोका जा सके. खासतौर पर भीड़भाड़ वाले इलाकों और व्यस्त समय के दौरान बैंक शाखाओं में पुलिस गश्त या स्थानीय सुरक्षा बलों की तैनाती करने पर जोर दिया गया है.

कानून प्रवर्तन एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई जरूरी

चिट्ठी में यह भी कहा गया है कि नामित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस प्रकार की घटनाओं पर त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देनी चाहिए. दोषियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाए ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो.

महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार भी चिंता का विषय

कुछ राज्यों से यह भी रिपोर्ट किया गया है कि महिला बैंक कर्मचारियों को ग्राहक परेशान कर रहे हैं. बैंक कर्मचारी संघों ने इन घटनाओं को रोकने के लिए शाखाओं में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है.

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सुरक्षा व्यवस्था से जनता का विश्वास होगा मजबूत

वित्त मंत्रालय का मानना है कि इन निवारक उपायों से न केवल बैंक कर्मचारियों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा, बल्कि आम जनता का बैंकिंग प्रणाली में विश्वास भी मजबूत होगा. साथ ही इससे देश की आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने में भी सहायता मिलेगी.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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