Bangladesh Fuel Price Hike: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और सात हफ्तों से चल रहे ईरान युद्ध का असर अब दक्षिण एशियाई देशों की जेब पर पड़ने लगा है. बांग्लादेश सरकार ने शनिवार देर रात पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में 10% से 15% तक की भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है.
नई कीमतें एक नजर में
ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नई दरें अब इस प्रकार होंगी
- पेट्रोल: 135 टका ($1.10) प्रति लीटर (पहले 116 टका था).
- डीजल: 115 टका प्रति लीटर.
- मिट्टी का तेल (Kerosene): 130 टका प्रति लीटर.
- (नोट: $1 = 122.70 टका)
क्यों बढ़ानी पड़ी कीमतें ?
अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला लेना ‘अनिवार्य’ हो गया था क्योंकि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. इसके पीछे मुख्य कारण हैं.
- ईरान युद्ध: पिछले सात हफ्तों से जारी युद्ध के कारण तेल की वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है.
- बढ़ता खर्च: समुद्री रास्तों में असुरक्षा के कारण माल ढुलाई (Freight) और बीमा (Insurance) की लागत कई गुना बढ़ गई है.
- विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव: बांग्लादेश अपनी ईंधन जरूरतों के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है. बढ़ते बिलों के कारण देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) तेजी से घट रहा है.
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर
ईंधन की कीमतों में इस इजाफे से बांग्लादेश में महंगाई और बढ़ने की आशंका है.
- परिवहन और कृषि: डीजल की कीमतें बढ़ने से बस-ट्रक का किराया बढ़ेगा और खेती की लागत में भी इजाफा होगा, जिससे खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं.
- ईंधन की किल्लत: देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. लोग भविष्य में और दाम बढ़ने के डर से भारी मात्रा में तेल स्टोर (Panic-buying) कर रहे हैं.
- विदेशी कर्ज: ऊर्जा आयात को सुरक्षित करने के लिए ढाका ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से $2 बिलियन से अधिक की बाहरी वित्तीय सहायता मांगी है.
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