आंध्र प्रदेश में बच्चा पैदा करने पर मिलेंगे पैसे! तीसरे बच्चे पर ₹30,000 और चौथे पर ₹40,000 का इनाम

Andhra Pradesh Birth Rate : आंध्र प्रदेश में जनसंख्या बढ़ाने के लिए चंद्रबाबू नायडू सरकार का बड़ा दांव! तीसरा बच्चा होने पर ₹30,000 और चौथा होने पर मिलेंगे ₹40,000. जानें क्यों लिया गया यह चौंकाने वाला फैसला.

Andhra Pradesh Birth Rate : जहां एक तरफ पूरा देश बढ़ती आबादी को रोकने की बात करता है, वहीं आंध्र प्रदेश से एक बिल्कुल उलट और चौंकाने वाली खबर आ रही है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.

चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को श्रीकाकुलम जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि राज्य में तीसरे बच्चे के जन्म पर ₹30,000 और चौथे बच्चे के जन्म पर ₹40,000 की नकद प्रोत्साहन राशि (Cash Incentive) दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे देश की संपत्ति हैं, बोझ नहीं. इस योजना की पूरी गाइडलाइंस और विस्तृत विवरण अगले एक महीने के भीतर जारी कर दिया जाएगा.

₹25,000 से शुरू हुई थी बात, अब बढ़ा दायरा

यह पहली बार नहीं है जब नायडू सरकार ऐसा कोई कदम उठा रही है. इससे पहले मार्च 2026 में विधानसभा के भीतर सरकार ने दूसरे बच्चे के जन्म पर ₹25,000 देने का प्रस्ताव रखा था. लेकिन शनिवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने साफ किया कि सरकार ने अब इसका दायरा बढ़ाते हुए तीसरे और चौथे बच्चे को भी इसमें शामिल कर लिया है.

आखिर क्यों जनसंख्या बढ़ाना चाहती है सरकार ?

एक समय था जब चंद्रबाबू नायडू खुद जनसंख्या नियंत्रण (Population Control) के पक्षधर थे, लेकिन अब उनके सुर पूरी तरह बदल चुके हैं. इसके पीछे का गणित और सामाजिक कारण काफी गंभीर हैं.

  • सिंगल चाइल्ड का ट्रेंड: मुख्यमंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि आज के दौर में जैसे-जैसे लोगों की कमाई बढ़ रही है, कई कपल्स (जोड़े) सिर्फ एक ही बच्चा पैदा करने का विकल्प चुन रहे हैं.
  • बेटे की चाहत: समाज में एक ट्रेंड यह भी देखा जा रहा है कि लोग दूसरा बच्चा तभी प्लान करते हैं जब उनकी पहली संतान एक बेटी हो.
  • TFR (टोटल फर्टिलिटी रेट) का गिरना: आबादी को स्थिर रखने के लिए ‘रिप्लेसमेंट लेवल फर्टिलिटी रेट’ का 2.1 होना बेहद जरूरी है (यानी औसतन हर महिला के कम से कम 2 बच्चे हों). आंध्र प्रदेश में यह दर तेजी से नीचे जा रही है, जिससे राज्य की आबादी लगातार कम हो रही है.

बुजुर्ग होती आबादी का खतरा

सीएम नायडू ने दुनिया के कई अमीर देशों का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी कि जिन देशों में जन्म दर घटती है, वहां की आबादी तेजी से बुजुर्ग होने लगती है. जब युवाओं की संख्या कम और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा हो जाती है, तो देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है क्योंकि काम करने वाले हाथ (Working Population) कम हो जाते हैं.

Also Read : दिल्ली में सीएनजी पर ‘महंगाई का डबल अटैक’: दो दिनों में दूसरी बार बढ़े दाम, अब ₹80 के पार पहुंची कीमतें

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >