Amul Turnover 2025-26: भारत के घर-घर में जाना-माना ब्रांड ‘अमूल’ ने सफलता का ऐसा शिखर छू लिया है, जो दुनिया के लिए एक मिसाल है. गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2025-26 में अमुल ब्रांड का कुल टर्नओवर 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. पिछले साल के मुकाबले इसमें 11% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई है.
अमूल कैसे बना दुनिया का नंबर-1 ब्रांड?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, अमूल की इस कामयाबी के पीछे उसके 1,200 से ज्यादा प्रोडक्ट्स की रेंज और एक बहुत बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है. इंटरनेशनल कोऑपरेटिव एलायंस (ICA) ने भी अमूल को दुनिया का नंबर-1 कोऑपरेटिव माना है. हाल ही में अमूल ने अमेरिका और यूरोप के बाजारों में भी अपना ताजा दूध लॉन्च किया है, जिससे यह अब एक ग्लोबल ब्रांड बन चुका है.
क्या है 1 लाख करोड़ का यह गणित?
अमूल ब्रांड का कुल रेवेन्यू जहां 1 लाख करोड़ रुपये रहा, वहीं GCMMF का सेल्स टर्नओवर 73,450 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है. यह पिछले साल के 65,911 करोड़ रुपये से 11.4% ज्यादा है. यह आंकड़े अमूल को भारत का सबसे बड़ा FMCG ऑर्गेनाइजेशन बनाते हैं. GCMMF के चेयरमैन अशोकभाई चौधरी ने इस सफलता का श्रेय 36 लाख डेयरी किसानों की कड़ी मेहनत और करोड़ों कंज्यूमर्स के भरोसे को दिया है.
क्या अब आएगी दूसरी ‘वाइट रिवोल्यूशन’?
को-ऑपरेशन को नया विस्तार देने के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने 6 जुलाई, 2025 को ‘सरदार पटेल कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड’ (SPCDF) की शुरुआत की है. इसका मकसद गुजरात से बाहर के राज्यों की डेयरी कमेटिज को एक नेशनल नेटवर्क से जोड़ना है. इसे देश में दूसरी ‘वाइट रिवोल्यूशन’ की शुरुआत माना जा रहा है, जिससे छोटे किसानों की इंकम में बड़ा उछाल आएगा.
आम जनता और किसानों को क्या होगा फायदा?
अमूल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. जयेन मेहता के अनुसार, यह उपलब्धि सिर्फ बिजनेस की नहीं बल्कि किसान-शक्ति की जीत है. तकनीक और ग्लोबल ट्रेड का सीधा फायदा अब सीधा प्रोड्यूसर्स(किसानों) के हाथों तक पहुंच रहा है. पीएम मोदी के विजन के अनुसार, अमूल अब हर भारतीय खाने की मेज से निकलकर दुनिया की डाइनिंग टेबल तक पहुंचने के लिए तैयार है.
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