म्यूचुअल फंड में निवेश की बहार, मार्च के बाद अप्रैल में भी निवेशकों की मौज

AMFI Monthly Data April 2026: डेट म्यूचुअल फंड्स ने अप्रैल 2026 में शानदार वापसी की है. रिपोर्ट के अनुसार लिक्विड फंड्स और गोल्ड ETF में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ती हुई दिखाई दी.

AMFI Monthly Data April 2026: म्यूचुअल फंड बाजार के लिए अप्रैल 2026 का महीना मिला-जुला रहा. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मार्च के मुकाबले निवेश की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर हुई है, लेकिन निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत है. सिर्फ SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) की बात करें, तो अप्रैल में 31,115 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो मार्च के 32,087 करोड़ रुपये से थोड़ा कम है. नीचे समझिए कि बाजार में इस महीने क्या बड़े बदलाव हुए:

इक्विटी फंड्स में इनवेस्टमेंट कम क्यों हुआ? 

इक्विटी यानी शेयर बाजार से जुड़े म्यूचुअल फंड्स में अप्रैल में 38,440 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया. अगर इसकी तुलना मार्च से करें, तो मार्च में 40,450 करोड़ रुपये आए थे. यानी बड़े इन्वेस्टर्स ने इस महीने थोड़ा हाथ खींचा है. हालांकि, फ्लेक्सी-कैप फंड्स अभी भी सबकी पसंद बने हुए हैं, जिनमें 10,147 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट आया. 

छोटे और मिडकैप शेयरों पर इतना भरोसा क्यों? 

भले ही बाजार में उतार-चढ़ाव की चिंता थी, लेकिन रिटेल इन्वेस्टर्स ने मिडकैप और स्मॉलकैप फंड्स में जमकर पैसा लगाया. मिडकैप फंड्स में इनफ्लो बढ़कर 6,551 करोड़ रुपये हो गया (मार्च में 6,063 करोड़ रुपये था).  वहीं, स्मॉलकैप फंड्स में भी 6,885 करोड़ रुपये आए, जो पिछले महीने के मुकाबले काफी ज्यादा है. इसके उलट, लार्ज-कैप फंड्स में सुस्ती दिखी और यहां निवेश घटकर 2,524 करोड़ रुपये पर आ गया. 

क्या डेट फंड्स में पैसा फिर से लौटने लगा है? 

जी हां, मार्च की बिकवाली के बाद अप्रैल में डेट म्यूचुअल फंड्स में जबरदस्त वापसी हुई है. इस कैटेगरी में कुल 2.47 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश आया. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा लिक्विड फंड्स का रहा, जहां 1.65 लाख करोड़ रुपये जमा हुए. ओवरनाइट फंड्स में भी 31,420 करोड़ रुपये आए. एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशक फिलहाल ब्याज दरों के जोखिम को देखते हुए लंबे समय के लिए पैसा फंसाने के बजाय शॉर्ट-टर्म के लिए निवेश करना बेहतर समझ रहे हैं. 

हाइब्रिड और गोल्ड फंड्स का क्या हाल रहा? 

हाइब्रिड कैटेगरी में आर्बिट्राज फंड्स (12,378 करोड़ रुपये) और मल्टी-एसेट फंड्स (5,113 करोड़ रुपये) में अच्छी खासी रकम आई. पैसिव निवेश की बात करें तो इंडेक्स फंड्स में 4,625 करोड़ रुपये का निवेश हुआ.  खास बात यह रही कि सोने की बढ़ती कीमतों के बीच ‘गोल्ड ETF’ में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी और यहां 3,040 करोड़ रुपये का निवेश देखा गया, जो मार्च के मुकाबले करीब 774 करोड़ रुपये ज्यादा है. 

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लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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