नयी दिल्ली : प्रमुख उद्योगपति गौतम अडाणी ने कहा कि आम बजट में कृषि, ग्रामीण रोजगार और बुनियादी ढांचा क्षेत्र पर जोर दिया गया है, जिससे नरेंद्र मोदी सरकार की सूजबूझ के साथ वृद्धि को साधने की क्षमता का पता चलता है. अडाणी समूह के चेयरमैन ने कहा है आम बजट 2017-18 विवेकपूर्ण बजटीय कदमों के जरिए वृद्धि की ओर नयी सोच को दिखाता है.
उन्होंने कहा है कि बजट में – ग्रामीण व वंचितों के लिए वृद्धि, शहरी भारत में बुनियादी ढांचे का निर्माण, किफायती मकान, राजकोषीय सूझबूझ पर जोर दिया गया है. इसके साथ ही इसमें ‘ईमानदार करदाताओं के हाथों में अधिक धन’ पर जोर है.
अडाणी ने कहा है कि यह बजट नाजुक वैश्विक आर्थिक हालात व लगातार अनिश्चितता के बीच पेश किया गया है. उनके एक बयान के अनुसार, ‘इन हालात में आईएमएफ व अंकटाड सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भारत को चमकते हुए बिंदु के रूप में रेखांकित किया है.’
अडाणी के अनुसार सरकार ने ग्रामीण भारत को संसाधन उपलब्ध कराते रहने की अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से सामने रखा है. ये संसाधन कृषि, ग्रामीण रोजगार व ग्रामीण बुनियादी ढांचे में विभिन्न कदमों के जरिए उपलब्ध कराये जाने हैं. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2017-18 के लिए आम बजट कल संसद में पेश किया.
