आयोग ने 7 अगस्त और 10 अगस्त 2026 को होने वाली बैठकों के लिए नोटिस जारी किया है. इन बैठकों का मकसद कर्मचारी संगठनों की राय और सुझाव जानना है, ताकि अंतिम रिपोर्ट तैयार करते समय उन्हें भी शामिल किया जा सके.
आयोग ने साफ किया है कि यह प्रक्रिया वेतन, भत्तों, पेंशन और कर्मचारियों की सेवा से जुड़े दूसरे मुद्दों पर सुझाव लेने के लिए की जा रही है.
किन कर्मचारी संगठनों को मिलेगा मौका?
आयोग के 23 जुलाई 2026 के नोटिस के मुताबिक, सभी संगठन इन बैठकों में शामिल नहीं हो सकेंगे. केवल वही कर्मचारी संघ, फेडरेशन और यूनियन आवेदन कर सकते हैं जो:
- दिल्ली में स्थित या रजिस्टर्ड हों.
- अपना मेमोरेंडम पहले ही आयोग को सौंप चुके हों.
- अब तक आयोग के साथ दिल्ली या किसी अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में बातचीत न कर चुके हों.
ऐसे संगठन 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करते समय उन्हें अपना Unique Memo ID भी देना होगा. बैठक का समय और स्थान बाद में अलग से बताया जाएगा.
क्या सिर्फ दिल्ली में ही होगी बातचीत?
नहीं. आयोग ने कहा है कि आने वाले महीनों में दिल्ली के अलावा दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी. दिल्ली-एनसीआर से बाहर के कर्मचारी संगठन अपने राज्य या नजदीकी स्थान पर होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकेंगे. इन बैठकों का पूरा कार्यक्रम आयोग अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर समय-समय पर जारी करेगा.
ये बैठकें कर्मचारियों के लिए क्यों अहम हैं?
हर वेतन आयोग अपने सुझाव तैयार करने से पहले कर्मचारी संगठनों की राय लेता है. इन बैठकों में कर्मचारी संगठन आमतौर पर इन मुद्दों पर अपने सुझाव देते हैं:
- वेतन ढांचे में बदलाव
- भत्तों से जुड़े सुझाव
- पेंशन से जुड़े मुद्दे
- करियर ग्रोथ
- सेवा शर्तों में सुधार
आयोग इन सुझावों के साथ-साथ मंत्रालयों, सरकारी विभागों और राज्य सरकारों से मिले इनपुट का भी अध्ययन करता है. इसके बाद ही अपनी सिफारिशें तैयार करता है.
