झारखंड सबसे ज्यादा DA देने वाले राज्यों में, तमिलनाडु के कर्मचारियों का अब इतना हुआ महंगाई भत्ता

7th pay commission|झारखंड अपने कर्मचारियों को सबसे ज्यादा महंगाई भत्ता देने वाले राज्यों में एक है. यहां के सरकारी कर्मचारियों को 42 फीसदी डीए मिलता है. तमिलनाडु के कर्मचारियों का डीए अब जाकर 42 फीसदी हुआ है. जानें अन्य राज्यों में सरकारी कर्मचारियों को कितना महंगाई भत्ता मिलता है...

7th pay commission: झारखंड सरकार देश की उन सरकारों में शामिल है, जो अपने कर्मचारियों को सबसे ज्यादा महंगाई भत्ता देती है. जी हां. कई राज्यों से पहले झारखंड के कर्मचारियों को 42 फीसदी महंगाई भत्ता मिलने लगा था. हेमंत सोरेन की सरकार ने अप्रैल 2023 में ही महंगाई भत्ता में वृद्धि का ऐलान कर दिया था, जिसके बाद उनका महंगाई भत्ता बढ़कर 42 फीसदी हो गया.

तमिलनाडु के कर्मचारियों का 4 फीसदी बढ़ा महंगाई भत्ता

तमिलनाडु की सरकार ने अब जाकर अपने कर्मचारियों को 42 फीसदी महंगाई भत्ता देना शुरू किया है. बुधवार को तमिलनाडु की एमके स्टालिन की सरकार ने इस आशय की मंजूरी दी. बता दें कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को भी 42 फीसदी ही महंगाई भत्ता मिलता है. हालांकि, देश में कई और राज्य हैं, जहां कर्मचारियों को इतना ही महंगाई भत्ता मिलता है.

हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में डीए बढ़ाने को मंजूरी

पिछले महीने यानी अप्रैल में झारखंड के अलावा हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सरकारों ने भी अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा दिया. झारखंड सरकार के कर्मचारियों को पहले 34 फीसदी महंगाई भत्ता मिलता था, लेकिन सरकार ने इसे बढ़ाकर 42 फीसदी कर दिया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में इस फैसले को मंजूरी दी गयी थी.

झारखंड सरकार पर बढ़ा 441.52 करोड़ रुपये का बोझ

इस फैसले के बाद सरकार ने कहा था कि कैबिनेट के इस निर्णय से सरकार के खजाने पर 441.52 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का बोझ बढ़ेगा. बता दें कि महंगाई भत्ता महंगाई बढ़ने पर एक तय फॉर्मूले के तहत बढ़ाया जाता है, जिससे सरकारी कर्मचारियों के वेतन में अच्छी-खासी वृद्धि हो जाती है. इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को महंगाई से राहत देना है.

तमिलनाडु सरकार ने 4 फीसदी बढ़ाया महंगाई भत्ता

तमिलनाडु की डीएमके सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 4 फीसदी बढ़ा दिया है. इसके साथ ही सूबे के 16 लाख कर्मचारियों एवं पेंशनर्स का डीए-डीआर बढ़कर 42 फीसदी हो गया. बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 अप्रैल 2023 से लागू होगा. एमके स्टालिन की सरकार ने एक विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी है. इसमें बताया गया है कि सरकार के इस फैसले से हर साल खजाने पर 2,367 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा.

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उत्तर प्रदेश में मिलता है 24 फीसदी डीए

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने भी अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 38 फीसदी से बढ़ाकर 42 फीसदी कर दिया है. योगी सरकार ने कहा है कि बढ़ा हुआ डीए-डीआर 1 जनवरी 2023 से लागू होगा. यानी कर्मचारियों को ऐरियर भी मिलेगा.

बिहार ने की थी डीए में 4 फीसदी की वृद्धि

झारखंड के पड़ोसी राज्य बिहार में भी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले हो चुकी है. अप्रैल में नीतीश कुमार की सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की वृद्धि की घोषणा की थी. बिहार में भी झारखंड की तरह 38 फीसदी महंगाई भत्ता था, जो बढ़कर अब 42 फीसदी हो गया है.

हरियाणा ने 4 फीसदी बढ़ाया डीए

हरियाणा की सरकार ने भी अपने कर्मचारियों का डीए बढ़ाकर 42 फीसदी कर दिया. हाल में हरियाणा की सरकार ने महंगाई भत्ते में 4 फीसदी वृद्धि का ऐलान किया. इसके पहले यहां के कर्मचारियों को 38 फीसदी महंगाई भत्ता मिलता था, जो बढ़कर 42 फीसदी हो गया. सरकार ने 1 जनवरी 2023 से ऐरियर देने का भी ऐलान किया, जिससे कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गयी.

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असम सरकार ने मार्च में ही बढ़ा दिया महंगाई भत्ता

असम सरकार ने मार्च में ही अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा दिया था. हिमंता बिस्व सरमा की अगुवाई वाली भाजपा सरकार ने अपने राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की वृद्धि की थी, जिसके बाद उनका डीए-डीआर बढ़कर 42 फीसदी हो गया.

हिमाचल प्रदेश में अब भी 34 फीसदी डीए

हिमाचल प्रदेश में अभी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 34 फीसदी ही है. भाजपा को हराकर सत्ता में आयी कांग्रेस पार्टी की सरकार ने पिछले महीने 3 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला किया था. इसके बाद यहां महंगाई भत्ता 31 फीसदी से बढ़कर 34 फीसदी हो गया. हिमाचल की सरकार ने 1 जनवरी 2022 से ही महंगाई भत्ता का ऐरियर देने का ऐलान किया है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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