बजट 2016 : सरकार बैंकों में डालेगी 25000 करोड़ रुपये
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नयी दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के सुदृढीकरण के लिये रुपरेखा पेश करेगी और इन बैंकों में अगले वित्त वर्ष में 25,000 करोड रुपयेकी पूंजी डाले जाने की योजना है. उन्होंने 2016-17 का बजट पेश करते हुए कहा कि इसके अलावा, सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के […]
नयी दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के सुदृढीकरण के लिये रुपरेखा पेश करेगी और इन बैंकों में अगले वित्त वर्ष में 25,000 करोड रुपयेकी पूंजी डाले जाने की योजना है. उन्होंने 2016-17 का बजट पेश करते हुए कहा कि इसके अलावा, सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से नीचे लाने पर विचार कर सकती है. जेटली ने कहा, ‘‘हमारे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनना होगा.
बैंक बोर्ड ब्यूरो 2016-17 में परिचालन में आ जाएगा और पीएसबी को मजबूत बनाने के लिये रुपरेखा पेश की जाएगी.” उन्होंने यह भी कहा कि आईडीबीआई बैंक में बदलाव लाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है.जेटली ने कहा, ‘‘सरकार इस दिशा में कदम आगे बढाएगी और 50 प्रतिशत से नीचे हिस्सेदारी लाने के विकल्प पर विचार करेगी.” सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में फंसे कर्ज के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि यह समस्या विरासत में मिली.
उन्होंने कहा, ‘‘इस संदर्भ में कई कदम पहले ही उठाये जा चुके हैं. हम बैंकों के कर्ज और रोजाना के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर रहे. बिजली, कोयला, राजमार्ग, चीनी तथा इस्पात जैसे विभिन्न क्षेत्रों में संरचनात्मक मुद्दों का समाधान किया गया है.” जेटली ने कहा, ‘‘बैंक कर्ज वसूली के लिये विशेष प्रयास कर रहे हैं और इसके लिये अटकी पडी परियोजनाओं को पटरी पर लाने पर जोर दिया जा रहा है. इन प्रयासों में बैंकों को मदद तथा ऋण वृद्धि में समर्थन के लिये मैं 2016-17 में बैंकों में 25,000 करोड़ रुपये की पूंजी डाले जाने का प्रस्ताव करता हूं.” उन्होंने कहा, ‘‘हम इन बैंकों के पीछे मजबूती के साथ खडे हैं.” वित्त मंत्री ने फंसे कर्ज के जल्दी समाधान के लिये रिण पुनरुद्धार न्यायाधिकरण को मजबूत बनाने का भी प्रस्ताव किया.