घर खरीदना ज्यादातर लोगों के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा सपना होता है. ऐसे में सिर्फ घर की लोकेशन, डिजाइन और सुविधाएं देखकर फैसला करना भारी पड़ सकता है. प्रॉपर्टी के कागजों में छोटी-सी गड़बड़ी भी आगे चलकर मालिकाना हक, बैंक लोन, टैक्स या कानूनी विवाद की वजह बन सकती है. इसलिए बुकिंग अमाउंट या पूरा पैसा देने से पहले कुछ जरूरी दस्तावेज जरूर जांच लेने चाहिए.
Sale Deed और पुराने मालिकों के कागज देखें
सबसे पहले यह जांचें कि जिस व्यक्ति से आप घर खरीद रहे हैं, वह उसका असली और कानूनी मालिक है या नहीं. इसके लिए Sale Deed यानी बिक्री विलेख सबसे जरूरी दस्तावेजों में से एक है.
इसके साथ पुराने Sale Deed, Gift Deed या Partition Deed जैसे दस्तावेज देखकर यह पता करें कि पिछले सालों में प्रॉपर्टी किस-किस के नाम रही है. स्रोत के मुताबिक कम से कम 30 साल की Ownership Chain देखना बेहतर है.
Encumbrance Certificate जरूर चेक करें
कहीं ऐसा तो नहीं कि जिस घर को आप खरीद रहे हैं, उस पर पहले से बैंक का लोन, गिरवी या कोई दूसरा कानूनी दावा हो? इसकी जानकारी Encumbrance Certificate यानी EC से मिलती है.
इसमें तय समय के दौरान प्रॉपर्टी से जुड़े रजिस्टर्ड लेनदेन की जानकारी होती है. अगर पुराने मालिक ने प्रॉपर्टी गिरवी रखकर लोन लिया है और उसे चुकाया नहीं है, तो बिना जांच घर खरीदना परेशानी खड़ी कर सकता है.
Property Card या 7/12 रिकॉर्ड देखें
शहरी इलाकों में Property Card से जमीन के मालिक, प्लॉट नंबर और जमीन के क्षेत्रफल जैसी जानकारी मिल सकती है.
वहीं महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जमीन या प्लॉट खरीदते समय 7/12 Extract यानी सात-बारा उतारा भी अहम होता है. इसमें सर्वे नंबर, जमीन के मालिक, जमीन के प्रकार और उससे जुड़े दूसरे रिकॉर्ड दर्ज होते हैं.
Mutation Certificate की जानकारी लें
घर खरीदने और उसकी रजिस्ट्री होने के बाद सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में नए मालिक का नाम दर्ज होना भी जरूरी है. इसे अलग-अलग राज्यों में Mutation, दाखिल-खारिज या फेरफार जैसे नामों से जाना जाता है.
अगर रिकॉर्ड अपडेट नहीं होता, तो प्रॉपर्टी टैक्स समेत कुछ सरकारी रिकॉर्ड पुराने मालिक के नाम पर बने रह सकते हैं.
OC और Completion Certificate देखे बिना फ्लैट न लें
अगर आप किसी बिल्डिंग या सोसाइटी में फ्लैट खरीद रहे हैं तो Occupancy Certificate (OC) और Completion Certificate (CC) जरूर चेक करें.
Completion Certificate बताता है कि बिल्डिंग का निर्माण मंजूर नक्शे और तय नियमों के मुताबिक पूरा हुआ है. वहीं Occupancy Certificate से यह पता चलता है कि बिल्डिंग रहने के लिए मंजूर है.
Building Plan और Conveyance Deed भी देखें
बिल्डर ने जो बिल्डिंग बनाई है, उसका नक्शा संबंधित अथॉरिटी से मंजूर है या नहीं, इसकी जांच करें. Building Plan Approval से इसकी जानकारी मिलती है.
अगर घर किसी हाउसिंग सोसाइटी में है तो Conveyance Deed भी महत्वपूर्ण है. इसके जरिए जमीन और कॉमन एरिया का अधिकार बिल्डर से सोसाइटी को ट्रांसफर किया जाता है.
RERA और सरकारी रिकॉर्ड ऑनलाइन चेक करें
अगर आप किसी प्रोजेक्ट में घर खरीद रहे हैं तो देखें कि प्रोजेक्ट RERA में रजिस्टर्ड है या नहीं. राज्य के RERA पोर्टल पर प्रोजेक्ट से जुड़ी शिकायतों और दूसरी उपलब्ध जानकारियों को भी देखा जा सकता है.
इसके अलावा उपलब्ध सरकारी पोर्टल पर Property Card, 7/12 और दूसरे डिजिटल लैंड रिकॉर्ड भी जांचें.
पैसे देने से पहले ये छोटी चेकलिस्ट रखें
घर की डील फाइनल करने से पहले मालिकाना हक की पुरानी कड़ी, Encumbrance Certificate, मंजूर बिल्डिंग प्लान, OC-CC, प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड, RERA रजिस्ट्रेशन और जमीन के सरकारी रिकॉर्ड की जांच करें. साथ ही, बड़ी रकम देने से पहले किसी स्वतंत्र प्रॉपर्टी वकील से कागजों की जांच कराना भी मददगार हो सकता है. इससे बाद में Ownership Dispute या दूसरे कानूनी झंझट के जोखिम को कम किया जा सकता है.
नोट- यह जानकारी न्यूज एजेंसी एएनआई में VMPL की ओर से जारी प्रेस रिलीज पर आधारित है, इसकी सामग्री की जिम्मेदारी प्रभात खबर की नहीं है.
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