Train Cancelled: तेजी से बढ़ रहा तूफान बिपरजॉय, मचा सकता है भयंकर तबाही, रेलवे ने कैंसिल की 69 ट्रेनें

Train Cancelled: अरब सागर में बना चक्रवाती तूफान बिपरजॉय गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भीषण असर दिखने लगा है. वहीं तूफान को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है. सीपीआरओ सुमित ठाकुर ने कहा कि बिपरजॉय साइक्लोन के कारण 69 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.

Train Cancelled: अरब सागर में बना चक्रवाती तूफान बिपरजॉय गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भीषण असर दिखने लगा है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है की यह तूफान 15 जून को लैंडफॉल करेगा. महाराष्ट्र के मुंबई समेत कई इलाकों में तेज हवा चल रही है, जबकि गुजरात के कई शहरों में तेज हवा के साथ जोरदार बारिश हो रही है. कच्छ, देवभूमि द्वारका, जामनगर में हाई टाइड आ रहे हैं. जैसे जैसे समय बीत रहा है हवा की रफ्तार भी तेज होती जा रही है.  मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लैंडफॉल करते समय तूफान की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. तूफान की भयावहता को देखते हुए भारतीय रेलवे के कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है.

पश्चिम रेलवे के  सीपीआरओ सुमित ठाकुर ने बताया कि बिपरजॉय साइक्लोन के कारण 69 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. जबकि, 32 ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है और 26 ट्रेनों को यात्रियों की सुरक्षा और चक्रवात बिपरजोय की शुरुआत के संबंध में ट्रेन संचालन के मद्देनजर एहतियाती उपाय के रूप में शॉर्ट-ऑरजिनेट किया जाएगा.


अमित शाह ने की इमरजेंसी मीटिंग

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को चक्रवात बिपरजॉय की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की. बैठक में गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल और इस चक्रवात से संभावित रूप से प्रभावित होने वाले 8 जिलों के सांसद भी वर्चुअल रूप से मीटिंग शामिल हुए.


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भयंकर तबाही मचा सकता है बिपरजॉय
आईएमडी ने कहा है कि गुजरात में कच्छ, देवभूमि द्वारका, जामनगर जिलों में 13 से 15 जून तक 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हो सकती है. आईएमडी ने यह भी कहा है कि इन इलाकों में 25 सेमी से अधिक भी बारिश हो सकती है. आईएमडी के अनुसार राजकोट, मोरबी और जूनागढ़ में भारी से अति भारी बारिश होने के आसार हैं. इन जिलों में 15 जून को 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. तेज हवाओं और बारिश से खड़ी फसलों, घरों, सड़कों, बिजली और संचार के खंभों को व्यापक नुकसान हो सकता है और निकासी मार्गों में बाढ़ आ सकती है.

भाषा इनपुट से साभार

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Author: Pritish Sahay

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