नेस्ले इंडिया ने कानून का उल्लंघन किया : एफएसएसएआई

मुंबई : भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने आज बंबई उच्च न्यायालय में आरोप लगाया कि नेस्ले इंडिया ने तय सीमा से अधिक सीसे की मात्रा वाली मैगी नूडल्स का उत्पादन कर देश के कानून का उल्लंघन किया है. एफएसएसएआई के सीईओ के वकील महमूद प्राचा ने न्यायमूर्ति वी एम कनाडे व न्यायमूर्ति बी […]

मुंबई : भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने आज बंबई उच्च न्यायालय में आरोप लगाया कि नेस्ले इंडिया ने तय सीमा से अधिक सीसे की मात्रा वाली मैगी नूडल्स का उत्पादन कर देश के कानून का उल्लंघन किया है.

एफएसएसएआई के सीईओ के वकील महमूद प्राचा ने न्यायमूर्ति वी एम कनाडे व न्यायमूर्ति बी पी कोलाबावाला की पीठ के समक्ष कहा, कंपनी ने गैर भरोसेमंद तरीके से काम किया. उनके पास सुरक्षित उत्पाद के उत्पादन की क्षमता थी, लेकिन उन्‍होंने ऐसा नहीं किया.

अदालत नेस्ले इंडिया द्वारा एफएसएसएआई के पांच जून के मैगी के नौ संस्करणों तथा महाराष्ट्र सरकार के मैगी की बिक्री पर रोक के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई कर रही है. प्राचा ने कहा कि विदेशों में जहां मैगी की गुणवत्ता कम पाई गई है, वहां भी इस पर प्रतिबंध लगाया गया है. इसके लिए उन्‍होंने फिलिपीन का उदाहरण दिया, जहां इसे बाजार से वापस लिया गया है. वकील ने कहा कि भारत सरकार ने मैगी पर प्रतिबंध नहीं लगाया है बल्कि सीसे की मात्रा तय सीमा से अधिक पाए जाने के मद्देनजर उसका उत्पादन व बिक्री बंद करने को कहा है.

महाराष्ट्र सरकार के खाद्य एवं दवा प्रशासन के वकील दरियस खंबाटा ने कहा कि वह 27 जुलाई को अपनी दलीलें रखेंगे. उन्‍होंने मैगी के खिलाफ राज्य सरकार के कदम को उचित ठहराया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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