उफा (रूस) : वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक को ‘बहुत महत्वपूर्ण’ बताते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उम्मीद जताई है कि यह विधेयक संसद में पारित हो जाएगा. संसद का मानसून सत्र इसी माह शुरू हो रहा है. वित्त मंत्री ने यहां दूरदर्शन से बातचीत में कहा, ‘कुछ लोग (विधेयक का) विरोध करने का प्रयास करेंगे. संसदीय लोकतंत्र में यह टकराव चलता रहता है. मेरा मानना है कि जीएसटी का पारित होना बहुत महत्वपूर्ण है. इसकी संभावनाएं काफी अधिक हैं.’
संसद का मॉनसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है और इसके काफी हंगामेदार रहने की संभावना है. विपक्ष कई मुद्दों मसलन व्यापम घोटाला, ललित मोदी विवाद व ताजा सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (एसइसीसी) पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है. वित्त मंत्री ने कहा कि सुस्त वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत एक उम्मीद की किरण है. उसे अपनी नीतियों को और सुधारने की जरुरत है ताकि और ऊंची वृद्धि दर हासिल की जा सके.
मंत्री ने कहा, ‘भारत एक चमकती जगह है. वैश्विक आर्थिक स्थिति काफी सुस्त है. भारत 7 से 7.5 प्रतिशत से 8 प्रतिशत की वृद्धि की ओर अग्रसर है. इसका लाभ लेने को भारत को अपनी आर्थिक नीति में सुधार करने की जरुरत है. इसके लिए देश में राजनीतिक समर्थन की भी जरुरत है.’
ताजा एसइसीसी पर जेटली ने कहा कि इससे देश में गरीबी व दर्द का पता चलता है. इन आंकड़ों से जरुरतमंदों की स्थिति में सुधार के लिए नीतियां बनाने में मदद मिलेगी. जीएसटी विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है. फिलहाल राज्यसभा की प्रवर समिति इस विधेयक की समीक्षा कर रही है. राज्यसभा में सरकार के पास बहुमत नहीं है. सरकार का वस्तु एवं सेवा कर को 1 अप्रैल, 2016 से लागू करने का इरादा है.
