तीव्र आर्थिक वृद्धि के लिये बहुराष्ट्रीय कंपनियों की अडचनें कम करना आवश्यक : अरुण जेटली

गुडगांव : वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि गरीबी दूर करने और उच्च आर्थिक वृद्धि के रास्ते पर आगे बढने के लिये बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिये देश में प्रवेश की अडचनें दूर करने के साथ-साथ कर नीतियों में स्थिरता रखनी चाहिये. राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी हिस्से में गुडगांव स्थित मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एमडीआइ) […]

गुडगांव : वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि गरीबी दूर करने और उच्च आर्थिक वृद्धि के रास्ते पर आगे बढने के लिये बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिये देश में प्रवेश की अडचनें दूर करने के साथ-साथ कर नीतियों में स्थिरता रखनी चाहिये. राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी हिस्से में गुडगांव स्थित मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एमडीआइ) के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुये जेटली ने कहा, ‘गरीबी उन्मूलन का सबसे अच्छा उपाय है उच्च आर्थिक वृद्धि. धीमी और सुस्त अर्थव्यवस्था से गरीबी दूर नहीं की जा सकती.

उसमें केवल गरीबी और बढ सकती है.’ वित्त मंत्री ने आर्थिक वृद्धि की गति बढाने के लिये देश में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रवेश के नियमों को आसान बनाने पर जोर देते हुये कहा कि रोजगार सृजन और सरकार के संसाधन बढाने के लिये यह जरुरी है. जेटली ने कहा, ‘बडी वैश्विक कंपनियों को फलने फूलने देने के लिये हमें देश में उनके प्रवेश के रास्तों को आसान बनाना होगा,

इसके साथ ही बडी भारतीय कंपनियों को वैश्विक कंपनी बनने में भी मदद करनी होगी. हमें कारोबार करने की प्रक्रियाओं को भी आसान बनाना होगा.’ वित्त मंत्री ने कहा, ‘हमें कारोबार करने के नियम सरल बनाने होंगे, नीतियों में स्थिरता रखनी होगी, राजनीतिक फैसलों में परिपक्वता लानी होगी और सही निर्णय तक पहुचने की राजनीतिक प्रक्रिया में भी रकावटें खडी करने के बजाय परिपक्वता दिखानी होगी. यह फैसले चाहे ढांचागत क्षेत्र से जुडे हों या फिर कराधान संबंधी हों. हमें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना होगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >