हैदराबाद : गुजरात सहकारिता दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) ने आज कहा कि आवश्यक नियामकीय मंजूरियां हासिल करने के बाद रुस को दो-तीन महीने में निर्यात शुरु किया जाएगा. जीसीएमएमएफ अमूल ब्रांड से डेयरी उत्पाद बेचती है.
जीसीएमएमएफ के प्रबंध निदेशक आर एस सोढी ने आज कहा, चालू वित्त-वर्ष में राजस्व का आंकडा 22,000 करोड रुपये को पार कर जाएगा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 18,000 करोड रुपये रहा था. उन्होंने बताया कि कंपनी अगले तीन साल में क्षमता विस्तार पर 4,000 से 5,000 करोड रुपये का निवेश करेगी.
सोढी ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, रुस से निरीक्षण दल पहले ही हमारे संयंत्रों का दौरा कर चुके हैं. उन्होंने हमारे संयंत्रों को मंजूरी दी है. कुछ नियामकीय मुद्दे हैं जिन्हें हल किया जाना है.
हाल में जीसीएमएमएफ ने कहा था कि उसकी रुस के गलैकटिका समूह के साथ डेयरी उत्पादों के निर्यात के लिए बातचीत चल रही है. ऐसा होने पर अमूल रुसी बाजार में प्रवेश करने वाला पहला भारतीय डेयरी उत्पाद हो जाएगा.
