IL & FS ने समूह की कंपनियों की रेटिंग एजेंसियों का फॉरेंसिक ऑडिट पूरा किया

नयी दिल्ली : संकट में फंसी आईएलएंडएफएस ने गुरुवार को कहा कि उसने समूह की इकाइयों से जुड़ी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों का फॉरेंसिक ऑडिट पूरा कर लिया है. यह ऑडिट पिछले 10 साल की अवधि का किया गया है. आईएलएंडएफएस के निदेशक मंडल ने ग्रांट थॉर्नटन को फॉरेंसिक ऑडिट के लिए नियुक्त किया था. ग्रांट […]

By Prabhat Khabar Print Desk | July 18, 2019 9:57 PM

नयी दिल्ली : संकट में फंसी आईएलएंडएफएस ने गुरुवार को कहा कि उसने समूह की इकाइयों से जुड़ी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों का फॉरेंसिक ऑडिट पूरा कर लिया है. यह ऑडिट पिछले 10 साल की अवधि का किया गया है. आईएलएंडएफएस के निदेशक मंडल ने ग्रांट थॉर्नटन को फॉरेंसिक ऑडिट के लिए नियुक्त किया था. ग्रांट थॉर्नटन ने ऑडिट रिपोर्ट सौंप दी है.

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एक बयान में कहा गया है कि ऑडिट के तहत क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों द्वारा विभिन्न ऋण उत्पादों को दी गयी रेटिंग का आकलन किया गया है. साथ ही, इसमें समूह की कंपनियों द्वारा मनी मार्केट से अत्यधिक कर्ज लेने में मदद की भी समीक्षा की गयी है. अत्यधिक कर्ज की वजह से ही समूह की कंपनियों द्वारा बाद में भुगतान में चूक या डिफॉल्ट हुआ है.

ग्रांट थॉर्नटन को आडिट के तहत यह पता लगाना था कि क्या क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने 2008 से 2018 के दौरान आईएलएंडएफएस समूह की कंपनियों को रेटिंग देने में किसी तरह की गड़बड़ी की. बयान में कहा गया है कि पूर्ववर्ती प्रबंधन तथा क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के प्रतिनिधियों के बीच इस अवधि के दौरान भेजे गये ई-मेल की भी समीक्षा की गयी है. इस अवधि के दौरान समूह की कंपनियों आईटीएनएल, आईएफआईएन और आईएलएंडएफएस की प्रमुख रेटिंग एजेंसियों में केयर, इक्रा, इंडिया रेटिंग्स और ब्रिकवर्क शामिल हैं.

बयान में कहा गया है कि 2016 से आईटीएनएल और आईएफआईएन के लिए ब्रिकवर्क ने क्रिसिल का स्थान लिया. बयान के अनुसार, अंतरिम रिपोर्ट को संबंधित अंशधारकों, क्षेत्र के विशेषज्ञों और कानूनी दल को साझा किया गया है.

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