SBI: देश के सबसे बड़े बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से 500 मिलियन डॉलर (करीब 4100 करोड़ रुपये से अधिक) के एक विशेष ‘सिंडिकेटेड सोशल टर्म लोन’ की शुरुआत की है. यह अपनी तरह का पहला ऐसा लोन है, जिसका मुख्य लक्ष्य जेंडर गैप (पुरुषों और महिलाओं के बीच के अंतर) को कम करना और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है.
क्यों खास है यह लोन ?
एसबीआई का यह कदम न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है. बैंक का मानना है कि सही मायने में तरक्की तभी संभव है, जब समाज में महिलाओं को समान अवसर मिलें. यह लोन यूनाइटेड नेशंस (UN) के ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल 5’ यानी ‘लैंगिक समानता’ को हासिल करने की दिशा में एक बड़ा योगदान है.
एसबीआई चेयरमैन का संदेश
SBI के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने इस मौके पर कहा, “इस महिला दिवस पर हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि एक जिम्मेदार संस्था के रूप में हम महिला सशक्तिकरण को टिकाऊ विकास की आधारशिला मानते हैं. यह लोन सिर्फ आर्थिक विकास के लिए नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और महिलाओं के लिए नए अवसर पैदा करने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है.”
दुनिया का सबसे बड़ा ‘जेंडर-थीम्ड’ लोन
यह बैंक द्वारा अपनी तरह की पहली ट्रांजैक्शन है. उम्मीद जताई जा रही है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा ‘जेंडर-थीम्ड’ लोन (महिलाओं पर केंद्रित कर्ज) होगा. इस पूरे सौदे में ‘MUFG’ बैंक मुख्य संचालक और कोऑर्डिनेटर की भूमिका निभा रहा है.
SBI का मजबूत आधार
दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का आधार बेहद मजबूत है. बैंक के पास ₹57 लाख करोड़ से ज्यादा का डिपॉजिट है और बैंक ने ₹46.8 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज (Advances) बाजार में दिया हुआ है. इतनी बड़ी ताकत के साथ बैंक अब देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने के मिशन पर निकल पड़ा है.
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