EPF Benefits: आज के दौर में इन्वेस्टमेंट के ढेरों ऑप्शंस हैं, लेकिन सरकारी स्कीमों पर लोगों का भरोसा आज भी सबसे ज्यादा है. हाल ही में EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर 8.25% बरकरार रखने का फैसला किया है. इसका मतलब है कि आपकी मेहनत की कमाई पर मिलने वाला रिटर्न अब और भी स्थिर रहने वाला है.
कौन बन सकता है इस सरकारी स्कीम का हिस्सा?
अगर आप ऐसी कंपनी में काम करते हैं जहां 20 से ज्यादा कर्मचारी हैं, तो आपका EPF कटना लगभग तय है. नियम के मुताबिक, अगर आपकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) 15,000 रुपये से ज्यादा है, तो आप इस स्कीम से जुड़ सकते हैं. छोटी कंपनियां भी अपनी मर्जी से अपने कर्मचारियों को यह सुविधा दे सकती हैं.
आपकी जेब से कितना पैसा कटता है?
EPF में पैसा जमा करने का गणित बहुत सीधा है. आपकी बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा आपके खाते से कटता है, और ठीक उतना ही हिस्सा आपकी कंपनी भी अपनी तरफ से मिलाती है.
- कंपनी के 12% में से 8.33% आपकी पेंशन (EPS) के लिए जमा होता है.
- बाकी का 3.67% आपके PF खाते में जुड़ता है. इसके साथ ही आपको EDLI के तहत मुफ्त जीवन बीमा का कवर भी मिलता है, जो आपके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करता है.
नौकरी बदलने पर क्या पुराने पैसे डूब जाएंगे?
बिल्कुल नहीं, हर कर्मचारी को एक UAN (Universal Account Number) मिलता है, जो पूरी जिंदगी एक ही रहता है. जब भी आप नौकरी बदलें, बस अपना UAN नए मालिक को बता दें. आपकी पुरानी जमा राशि खुद-ब-खुद नए खाते से जुड़ जाएगी. यह आधार कार्ड की तरह ही यूनिक होता है.
कब रुक जाता है आपका ब्याज?
आप अपना PF खाता तब तक चालू रख सकते हैं जब तक आप पूरा पैसा निकाल न लें. लेकिन एक बात का खास ख्याल रखें की अगर आपके खाते में 3 साल तक कोई नया पैसा जमा नहीं हुआ, तो तीसरे साल के खत्म होने के बाद उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाएगा. इसलिए लंबे समय तक पीएफ को बिना किसी ट्रांजेक्शन के न छोड़ें.
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