ई-वॉलेट फर्म पेटीएम के यूजर्स के लिए राहत भरी खबर है. पेटीएम अपने वॉलेट, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और यूपीआई ट्रांजेक्शन, इनमें से किसी के भी जरिए पेमेंट पर कोई ट्रांजेक्शन फीस वसूलने नहीं जा रही है. दरअसल, ऐसी खबरें आ रही थीं कि पेटीएम, एक जुलाई से मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का बोझ ग्राहकों पर डालने की तैयारी में है. इस खबर के बाद पेटीएम यूजर्स की चिंता बढ़ गई थी लेकिन अब कंपनी ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है.
कंपनी ने ब्लॉग में लिखा और ट्वीट किया कि पेटीएम किसी भी भुगतान प्रणाली का उपयोग करने पर हमारे ग्राहकों से कोई सुविधा / लेनदेन शुल्क नहीं लेता है. इस भुगतान प्रणाली में कार्ड, यूपीआई, नेट-बैंकिंग और वॉलेट शामिल हैं. इसके साथ ही पेटीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि हमारा भविष्य में किसी भी तरह का चार्ज लगाने या बढ़ाने का इरादा नहीं है.
हालांकि पेटीएम ने यह भी कहा है कि कुछ मर्चेंट जैसे एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स या यूटिलिटी सर्विस प्रोवाइडर्स ऐसे भी हैं, जो क्रेडिट कार्ड चार्जेज को वहन नहीं करते और ग्राहक से इनके भुगतान की उम्मीद करते हैं. यानी ग्राहक को उस चार्ज का भुगतान करना होगा. हालांकि पेटीएम ने इस बात पर जोर दिया है कि यह चार्ज उसके द्वारा नहीं वसूला जा रहा है. पेटीएम की सलाह है कि ऐसे मामलों में यूजर्स चार्ज से बचने के लिए डेबिट कार्ड और यूपीआई से पेमेंट कर सकते हैं.
क्या थी खबरें
दरअसल, ऐसी खबरें चल रही थीं कि पेटीएम मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर ) का बोझ ग्राहकों पर डालना शुरू करेगी. खबरों में दावा किया जा रहा था कि पेटीएम ग्राहकों को एक जुलाई से क्रेडिट कार्ड्स के जरिए पेमेंट्स पर एक फीसदी, डेबिट कार्ड्स के लिए 0.9 फीसदी के अलावा नेट बैंकिंग और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस(यूपीआई) के जरिए ट्रांजेक्शंस पर 12 से 15 रुपये तक का चार्ज देना होगा. हालांकि पेटीएम के बयान के बाद इन अफवाहों का खंडन हो गया है.
