IMF प्रमुख की चेतावनी : व्यापारिक मोर्चे पर टकराव से कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने मंडरा रहा खतरा

वॉशिंगटन : अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चेताया है कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि के सुस्त पड़ने और कई देशों के ऊपर भारी कर्ज चढ़े होने के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था में व्यापार युद्ध जैसे खुद पैदा किये जा रहे अवरोध ठीक नहीं हैं. आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लेगार्ड ने आईएमएफ-विश्वबैंक की बैठक के उद्घाटन में […]

वॉशिंगटन : अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चेताया है कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि के सुस्त पड़ने और कई देशों के ऊपर भारी कर्ज चढ़े होने के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था में व्यापार युद्ध जैसे खुद पैदा किये जा रहे अवरोध ठीक नहीं हैं. आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लेगार्ड ने आईएमएफ-विश्वबैंक की बैठक के उद्घाटन में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अहम बात यह है कि गलत नीतियां से बचना चाहिए. व्यापार के मामले में यह और भी जरूरी है.

इसे भी देखें : IMF का अनुमान : 2019 में रफ्तार पकड़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था, 2020 में 7.7 फीसदी रहेगी आर्थिक वृद्धि

उन्होंने कहा कि हमें शुल्क और अन्य बाधाओं समेत खुद से दिये घावों से बचने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इस नाजुक समय पर नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश यह होना चाहिए कि किसी को नुकसान नहीं हो. लेगार्ड ने अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चल रहे व्यापार युद्ध का विशेष रूप से जिक्र नहीं किया.

आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि अर्थव्यवस्था के बुरे समय में व्यापार मोर्चे पर तनाव सामने आ रहे हैं. वैश्विक अर्थव्यवस्था का परिदृश्य बिगड़ा है. उन्होंने कहा कि 70 फीसदी वैश्विक अर्थव्यवस्था धीमी वृद्धि दर का सामना कर रही है. मुद्राकोष ने हाल ही में अमेरिका, यूरोप, जापान और वैश्विक अर्थव्यवस्था के अपने अनुमान को घटाया है. मुद्राकोष के अर्थशास्त्रियों ने वैश्विक आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 2018 में 3.6 फीसदी से घटाकर 2019 में 3.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >