नयी दिल्ली: ब्रिटेन की दूरसंचार क्षेत्र की बड़ी कंपनी वोडाफोन के 20,000 करोड़ रुपये कर के मामले से अरुण जेटली के अलग होने के बाद एक पूर्व सॉलिसीटर जनरल ने उच्चतम न्यायाल में याचिका दायर करके कर की वसूली करने का केंद्र को निर्देश देने और इस मामले में मध्यस्थता की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से रोकने का अनुरोध किया है.
कर संबंधी मामलों को देखने वाले और संप्रग कार्यकाल में विधि अधिकारी रहे विश्वजीत भट्टाचार्य ने न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ के समक्ष इस याचिका का उल्लेख किया. न्यायालय ने इसे एक जुलाई को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया.
https://www.facebook.com/ArunJaitley/posts/246517902203432भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र उस नियम को लागू नहीं कर रहा है जिसमें कर वसूली के लिए 2012 में संशोधन किया गया था. उन्होंने उच्चतम न्यायालय से इस मामले में हस्तक्षेप करने तथा केंद्र सरकार को आयकर कानून निष्पक्ष एवं समान रुप से और बिना किसी भय या पक्षपात के लागू करने का निर्देश देने का अनुरोध किया. इस पूरे मामले से जेटली ने किनारा कर लिया वोडाफोन मामले से संबंधित सभी मामले वित्त राज्य मंत्री सीतारमन या रेवेन्यू सेक्रेटरी शक्तिकांत दास देखेंगे.
