पटना : बिहार और झारखंड के करीब तीन लाख लोगों को सीधा फायदा
पटना : केंद्रीय बजट में आयकर में छूट की सीमा को ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख करने से बिहार और झारखंड के करीब तीन लाख लोगों को सीधा फायदा होगा. हालांकि यह अभी शुरुआती अनुमान है. फिलहाल आयकर विभाग इस संख्या का आकलन करने में जुटा हुआ है. इसके बाद ही इनकी सही संख्या […]
पटना : केंद्रीय बजट में आयकर में छूट की सीमा को ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख करने से बिहार और झारखंड के करीब तीन लाख लोगों को सीधा फायदा होगा. हालांकि यह अभी शुरुआती अनुमान है. फिलहाल आयकर विभाग इस संख्या का आकलन करने में जुटा हुआ है. इसके बाद ही इनकी सही संख्या का पता चल पायेगा.
बिहार में खासतौर से निजी सेक्टर की तुलना में सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है और निजी सेक्टर में 41 हजार से ज्यादा तनख्वाह पाने वाले लोगों की संख्या बहुत नहीं है. ऐसे में बिहार से बहुत ज्यादा संख्या में लोग आयकर के इस स्लैब से बाहर नहीं हो पायेंगे. हालांकि जो लोग पांच लाख के स्लैब से बाहर नहीं हो पायेंगे, उन्हें भी इससे थोड़ा बहुत फायदा अवश्य होगा.
टैक्स देने वालों की संख्या 20 लाख
वर्तमान में दोनों राज्यों में टैक्स देने वालों की संख्या 20 लाख के आसपास है. इसमें व्यवसायी वर्ग की संख्या ही सबसे ज्यादा है. इसके बाद टैक्स देने वालों में नौकरी पेशा लोगों की संख्या है. पिछले वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान इन लोगों से 11 हजार 500 करोड़ रुपये टैक्स संग्रह किया गया था. चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 14 हजार 700 करोड़ टैक्स संग्रह करने का टारगेट रखा गया है.
अब जब टैक्स के छूट की सीमा बढ़ा देने से करीब तीन लाख लोग इस दायर से बाहर हो जायेंगे, तो आयकर विभाग को नये टैक्स पेयर को ढूंढ़ने और टारगेट को प्राप्त करने में थोड़ा ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी. विभागीय स्तर पर अलग-अलग स्तर पर टैक्स चोरी करने वालों की पहचान कर कार्रवाई करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गयी है.
बिहार के डेढ़ करोड़ से अधिक किसानों को होगा लाभ
पटना. केंद्रीय आम बजट में दो एकड़ तक जमीन वाले किसानों को साल में छह हजार अनुदान का लाभ देने की घोषणा से राज्य के 90 फीसदी किसान गदगद हैं. राज्य में लघु व सीमांत किसानों की संख्या ही सर्वाधिक है. 2010-11 के कृषि गणना के अनुसार राज्य में किसानों की संख्या 1.61 करोड़ से अधिक है.इनमें लघु व सीमांत किसानों की संख्या 1.56 करोड़ से अधिक है. दो एकड़ जमीन तक वाले किसानों की गिनती लघु व सीमांत किसानों में होती है. कृषि विभाग के पोर्टल पर 46 लाख से अधिक किसान निबंधित है.
छह हजार का इनपुट अनुदान
कृषि विशेषज्ञ डॉ आरके सोहाने कहते हैं कि केंद्रीय बजट में किसानों के लिए इनपुट अनुदान की व्यवस्था की गयी है. इससे किसानों को काफी लाभ होगा. किसान अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार इनपुट ( खाद- बीज आदि) खरीद सकेंगे. बिहार में भी अभी पांच जिलों के किसानों को सब्जी की खेती के लिए छह हजार का इनपुट अनुदान मिला है. इसके दायरे को बढ़ाने की भी योजना है. डॉ सोहाने के कहा कि पहली बार सीधे किसानों के खाते में सहायता की राशि जायेगी.
पहली बार बजट में इस तरह की व्यवस्था की गयी है. उन्होंने कहा कि इससे किसानों को खेती के पहले न तो महाजनों की ओर देखना होगा न ही बैंक का चक्कर लगाना होगा. बिहार सरकार भी किसानों की सहायता कर रही है और अब केंद्र सरकार भी करेगी. राज्य में सर्वाधिक संख्या छोटे किसानों की ही है.