नयी दिल्ली : योजना आयोग की प्रासंगिकता को लेकर जारी बहस के बीच स्वतंत्र आकलन कार्यालय (आइइओ) ने कहा है कि यह नियंत्रण आयोग के रूप में काम कर रहा है. इसकी जगह सुधार व समाधान निकाय बनना चाहिए. सरकार ने आइइओ की स्थापना नवंबर 2010 में की थी. इसने इस साल फरवरी से सरकारी कार्यक्रमों व संस्थागत नीतियों का स्वतंत्र आकलन शुरू किया है. आइइओ ने योजना आयोग पर अपनी आकलन रपट इसी महीने प्रधानमंत्री को सौंपी थी.
* रपट में क्या : रपट के मुताबिक आयोग नियंत्रण आयोग के रूप में काम करते हुए अपनी सीमाओं के बाहर चला गया है. इसलिए नया विशेषज्ञ निकाय बनाने का सुझाव दिया गया है. सुझाव दिया गया है कि राज्यों को धन आवंटन की योजना आयोग की भूमिका वित्त आयोग को दी जा सकती है, जबकि केंद्रीय मंत्रालयों में संसाधन आवंटन का काम वित्त मंत्रालय कर सकता है.
चूंकि योजना आयोग अपनी मौजूदा भूमिका में देश के विकास में कोई मदद नहीं कर रहा है इसलिए बेहतर होगा कि इसकी जगह कोई नया निकाय आये.
अजय छिब्बर, महानिदेशक,आइइओ
