Walmart Flipkart Deal में बकाया कर वसूली पर है आयकर विभाग की नजर

नयी दिल्ली : आयकर विभाग फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण के बाद वॉलमार्ट द्वारा ई-कॉमर्स कंपनी के शेयरधारकों को किये गये भुगतान से जुड़े कराधान के मुद्दे पर गौर कर रहा है. वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अमेरिका की खुदरा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट ने मई में 16 अरब […]

नयी दिल्ली : आयकर विभाग फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण के बाद वॉलमार्ट द्वारा ई-कॉमर्स कंपनी के शेयरधारकों को किये गये भुगतान से जुड़े कराधान के मुद्दे पर गौर कर रहा है.
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अमेरिका की खुदरा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट ने मई में 16 अरब डॉलर (लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये) के सौदे में फ्लिपकार्ट की 77 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था.
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के सदस्य अखिलेश रंजन ने यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के कार्यक्रम के मौके पर अलग से कहा, हमारे पास वॉलमार्ट द्वारा विभिन्न निवेशकों को किये गये भुगतान का पूरा ब्योरा है.
कुछेक मामलों में कर काटा गया है और कुछ अन्य में नहीं. ऐसे मामलों की हम समीक्षा कर रहे हैं. रंजन ने कहा कि हमने ऐसे निवेशकों से कहा है कि वे बताएं कि उनको किया गया भुगतान कर योग्य क्यों नहीं है.
फ्लिपकार्ट के 44 शेयरधारकों ने ई-कॉमर्स कंपनी में अपनी हिस्सेदारी वॉलमार्ट को बेची है. इनमें साफ्टबैंक, नैस्पर्स, वेंचर फंड एसेल पार्टनर्स और ई बे जैसे निवेशक शामिल हैं.
आयकर कानून के तहत यदि विक्रेता को पूंजीगत लाभ कर की छूट नहीं है तो खरीदार को विक्रेता को भुगतान करते समय कर काटना होता है. सीबीडीटी के सदस्य ने कहा कि राजस्व विभाग ने पिछली तारीख से 10,247 करोड़ रुपये की कर मांग के आंशिक हिस्से की वसूली को केयर्न एनर्जी पीएलसी के सभी कुर्क शेयर बेचे हैं.

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