किसानों की आय से नहीं, कर्ज माफी के कारण ग्रामीण मांग में हुआ सुधार

मुंबई :कुछ ग्रामीण क्षेत्रों के मांग में आयी वृद्धि का कारण किसानों की आय में वृद्धि न होकर कृषि ऋण माफी है. एचडीएफसी बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, यह इस बात का संकेत है कि इकोनॉमी अभी भी ग्रामीण क्षेत्र की हाल में पूरा सुधार अभी कुछ दूर है. हाल के महीनों में ग्रामीण […]

By Prabhat Khabar Print Desk | July 16, 2018 8:26 AM
मुंबई :कुछ ग्रामीण क्षेत्रों के मांग में आयी वृद्धि का कारण किसानों की आय में वृद्धि न होकर कृषि ऋण माफी है. एचडीएफसी बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, यह इस बात का संकेत है कि इकोनॉमी अभी भी ग्रामीण क्षेत्र की हाल में पूरा सुधार अभी कुछ दूर है.
हाल के महीनों में ग्रामीण क्षेत्र की मांग में तेजी आयी है. इसका प्रमाण ट्रैक्टर जैसे बड़े उत्पादों की बिक्री की मांग बढ़ी है. रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुएं बनानेवाली कंपनियों के तिमाही नतीजे बेहतर आये हैं.
नील्सन के आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीण मांग मार्च तिमाही में ग्रामीण क्षेत्र में मांग 13.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी. यह शहरी मांग में विस्तार की गति से तेज है. किसानों की आत्महत्याओं की घटनाओं के बीच कई राज्यों ने कृषि ऋण माफी का एलान किया. यूपी , मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब के बाद हाल ही में कर्नाटक ने किसानों का कर्ज माफ किया है.
एचडीएफसी बैंक के अर्थशास्त्री अभीक बरुआ कहते हैं कि इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि वर्ष 2016 में हुई नोटबंदी और जीएसटी से उत्पन्न व्यवधानों से प्रभावित हुई ग्रामीण क्षेत्र की मांग अब फिर से सुधार के रास्ते पर है. किसानों की कर्ज माफी तेजी की वजह है.

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