नयी दिल्ली :2014 में प्रचंड बहुमत से सत्ता में काबिज हुए मोदी सरकार की यह आखिरी बजट थी. इनकम टैक्स में कोई छूट नहीं देने की वजह से बजट भाषण के साथ ही मध्यम वर्ग का गुस्सा फूट पड़ा और सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी आलोचना की. सरकार बजट में क्या नया घोषणा कर रही है, इस बात पर सबकी नजर थी. ट्वीटर पर देश के कई बड़े कारोबारी, अर्थशास्त्री और अर्थ जगत के जानकारो नें राय रखी है. कई विशेषज्ञों ने इसे औसत बजट कहा. वहीं सरकार के स्वास्थ्य बीमा की तारीफ की गयी.
नीति आयोग केउपाध्यक्षराजीव कुमार ने कहा कि सरकार का यह बजट स्वास्थ्य और कृषि पर केंद्रित है. बेहतर स्वास्थ्य सुविधा आम आदमी तक पहुंचेगी. बॉयोकॉन की संस्थापक किरण मजमूदार शॉ ने ट्वीट कर कहा कि डिस्ट्रीक्ट हॉस्पीटल को मेडिकल कॉलेज के रूप में बदलना एक शानदार फैसला है. क्लिनीकल ट्रेनिंग और रिसर्च को भी बढ़ावा मिलेगा.
देश के प्रख्यात कारोबारी आनंद महिंद्रा के मुताबिक एक बड़ी आबादी वाले देश में चुनाव से पहले का बजट ग्रोथ को बढ़ावा देने वाला बजट हो सकता है. मैं थोड़ा पक्षपाती हूं कि ग्रामीण इलाके में ग्रोथ बढ़ सकता है. हालांकि 10 करोड़ लोगों का हेल्थ बीमा का फैसला बढ़िया फैसला है और यह विकसित समाज की ओर बढ़ने वाला कदम है.
वित्तीय सेवा प्रदान करने वाली कंपनी Deloitte के मुताबिक रोटी, कपड़ा और किसान के लिए यह बजट है. वहीं जानी – मानी रेटिंग एजेंसीमूडी ने बजट को राजकोषीय घाटा को काबू करने वाला बजट बताया.भारत की आर्थिक गतिविधियों पर पैनी निगाह रखने वाले स्वामीनाथन अय्यर ने कहा कि यह निराशजनक बजट है, हालांकि इसमें कई सकरात्मक संदेश भी छिपे हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण व हेल्थकेयर के लिए नयी घोषणाएं निश्चित रूप से अच्छी बात है.
अर्थशास्त्री रामराज राय ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा से 10 करोड़ बेहद गरीब परिवार लाभान्वित होंगे. यह बीमा योजना से गरीबों को लाभ पहुंचेगा. स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या में निर्धनों को मदद मिलेगी, वही राजनीतिक रूप से भी सरकार के लिए यह फायदेमेंद होगा.
