नयी दिल्ली : नरेंद्र मोदी सरकार अपने एक फरवरी को पेश किये जाने वाले बजट में ऐसी कई बड़ी घोषणाएं कर सकती हैं, जो इकोनॉमी को रफ्तार भी दें और जनता को चुनावी नजरिये से लुभाए भी. इस क्रम में यात्रा व पर्यटन क्षेत्र के लिए सरकार टैक्स राहत का एलान कर सकती है. सरकार इस सेक्टर के लिए 210 बिलियन डॉलर के पैकेज का एलानभी कर सकती है. सरकार ऐसा कदम इकोनॉमी को बढ़ावा देने और इस सेक्टर में अधिक से अधिक रोजगार सृजन के लिए उठा सकती है.
सरकार को उम्मीद है कि दुनिया की दूसरी सबसे अधिक आबादी वाले देश में ऐसा कदम उठाने से घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा. भारत मेें 25 करोड़ मध्यम वर्गीय आबादी है, जिनकी आय बढ़ी है, जिससे उनकी जीवनशैली में बदलाव आ रहा है और वे घूमने व पर्यटन में सक्रिय रूप से रुचि ले रहे हैं.
सरकार ने बीते वर्ष नये विमान मार्ग पर परिचालन भी शुरू किया है और विमान यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है. भारत में सितंबर छमाही में पर्यटन उद्योग 10 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ा है, जबकि इसी अवधि में एक वर्ष पूर्व यह आंकड़ा आठ प्रतिशत था. एक रिपोर्ट के अनुसार, टूरिज्म इंडस्ट्री में 40 मिलियन लोग रोजगार पा रहे हैं और बीते एक दशक में इसमें 10 लाख लोग जुड़े हैं. ऐसे में इस क्षेत्र में काफी संभावना है.
भारत में अभी होटल इंडस्ट्री पर 30 प्रतिशत के आसपास टैक्स देना पड़ता है, जबकि सिंगापुर, थाइलैंड,इंडोनेशिया जैसे देशों में यह दस प्रतिशत के आसपास ही है.
