चलती कार में निकला कोबरा! मानसून में हर कार मालिक को पता होनी चाहिए ये बातें

बरसात में चलती कार के डैशबोर्ड पर कोबरा दिखने की चौंकाने वाली घटना ने सबको सतर्क कर दिया है. जानें क्यों आते हैं सांप कारों में और मानसून में अपनी गाड़ी को सुरक्षित रखने के लिए क्या सावधानियां बरतें.

बरसात का मौसम शुरू होते ही कार और बाइक में सांप मिलने की खबरें अक्सर सामने आने लगती हैं, लेकिन गाजियाबाद में चलती कार के डैशबोर्ड पर कोबरा निकल आने की घटना ने हर वाहन मालिक को चौंका दिया है. यह सिर्फ एक दुर्लभ घटना नहीं, बल्कि मानसून के दौरान वाहन पार्किंग और रखरखाव से जुड़ा बड़ा सुरक्षा संकेत भी है. अगर आपकी कार भी लंबे समय तक एक ही जगह खड़ी रहती है या हरियाली वाले इलाके में पार्क होती है, तो आपको कुछ जरूरी सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए.

चलती कार के डैशबोर्ड पर दिखा कोबरा

गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र में रहने वाली एक महिला सुबह अपनी कार से नोएडा ऑफिस जा रही थीं. रास्ते में अचानक उनकी नजर डैशबोर्ड पर पड़ी, जहां एक कोबरा दिखाई दिया. स्थिति को समझते हुए उन्होंने घबराने के बजाय तुरंत कार रोकी, इंजन बंद किया और सुरक्षित बाहर निकल गईं. इसके बाद ट्रैफिक पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची टीम ने सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़कर डिब्बे में बंद किया और उसे सुरक्षित स्थान पर भेज दिया.

यह घटना बताती है कि बरसात के मौसम में वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होती है.

आखिर बारिश में कारों की तरफ क्यों आते हैं सांप?

विशेषज्ञों के अनुसार सांप कार की वजह से नहीं, बल्कि उसे मिलने वाली सुरक्षित और गर्म जगह की तलाश में वहां पहुंचते हैं. बारिश के दौरान कई बार उनके प्राकृतिक बिल पानी से भर जाते हैं या नष्ट हो जाते हैं. ऐसे में वे ऐसी जगह खोजते हैं जहां उन्हें सूखा माहौल और कुछ समय तक गर्माहट मिल सके.

कार का इंजन बंद होने के बाद भी कुछ समय तक गर्म रहता है. बोनट के नीचे मौजूद कई खाली हिस्से और वायरिंग के आसपास की जगह सांपों के छिपने के लिए उपयुक्त बन जाती है. यही कारण है कि मानसून में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ जाती है.

चूहे और दूसरी वजहें भी बनती हैं खतरा

सिर्फ गर्माहट ही नहीं, बल्कि कार के आसपास मौजूद छोटे जीव भी सांपों को आकर्षित कर सकते हैं. अगर किसी पार्किंग एरिया में चूहे या अन्य छोटे जानवर मौजूद हैं, तो उनका शिकार करने के लिए भी सांप वाहन तक पहुंच सकते हैं.

इसके अलावा लंबे समय तक बिना इस्तेमाल के खड़ी रहने वाली कारें, खेतों, बगीचों, खाली प्लॉट, झाड़ियों या घनी हरियाली के पास पार्क किए गए वाहन ज्यादा जोखिम में रहते हैं.

इन आसान उपायों से कम कर सकते हैं खतरा

अगर आप बरसात के मौसम में अपनी कार को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो कुछ छोटी आदतें बड़ा फर्क ला सकती हैं. हमेशा कोशिश करें कि कार खुली और साफ जगह पर पार्क हो. यदि संभव हो तो बंद गैराज का इस्तेमाल करें.

कार के आसपास सूखी घास, झाड़ियां और कचरा जमा न होने दें. यदि वाहन कई दिनों तक खड़ा रहने वाला है, तो बीच-बीच में उसे स्टार्ट करके थोड़ा चला लें. इससे इंजन कंपार्टमेंट की नियमित जांच भी होती रहेगी.

अगर कार लंबे समय से पार्क है, तो ड्राइव शुरू करने से पहले बोनट खोलकर इंजन एरिया, पहियों के आसपास और नीचे की तरफ एक बार अच्छी तरह देख लें.

अगर कार में सांप दिख जाए तो क्या करें?

यदि कार के अंदर या बोनट के नीचे सांप दिखाई दे या फुफकारने जैसी आवाज सुनाई दे, तो खुद उसे निकालने की कोशिश बिल्कुल न करें. ऐसा करना बेहद खतरनाक हो सकता है.

सबसे पहले वाहन रोकें, सुरक्षित दूरी बनाएं और स्थानीय पुलिस, वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें. विशेषज्ञों की मदद से ही सांप को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें: 16 डिग्री पर AC चलाना पड़ेगा भारी! यहां समझें मानसून में कार के केबिन की परफेक्ट सेटिंग


ये भी पढ़ें: कार की चाबी पर एल्युमिनियम फॉइल लगाने का फायदा जानेंगे, तो बार-बार थैंक्यू कहेंगे आप


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >