कार में Snow Mode क्या है? जानिए ऑन करते ही कैसे बदल जाता है ड्राइविंग का पूरा गेम

Snow Mode: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे इलाकों में, जहां सर्दियों में कड़ाके की ठंड पड़ती है और कई बार बर्फबारी भी होती है, वहां गाड़ी का स्नो मोड इस्तेमाल करना काफी फायदेमंद होता है. इससे सड़क पर पकड़ बेहतर बनी रहती है और फिसलन की वजह से होने वाले हादसों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है.

Snow Mode: अगर आप सर्दियों में पहाड़ों पर घूमने की प्लानिंग कर रहें हैं, तो अपनी नई कार या SUV में दिए गए Snow Mode को समझना बहुत जरूरी है. बर्फबारी और बेहद ठंडे मौसम में ड्राइव करते समय यह मोड काफी काम आता है. Snow Mode आजकल ज्यादातर मॉडर्न कारों में मिलने वाले अलग-अलग ड्राइविंग मोड्स का हिस्सा होता है. इसे खास तौर पर बर्फीली और फिसलन भरी सड़कों पर बेहतर ग्रिप और कंट्रोल देने के लिए बनाया गया है, ताकि सर्दियों में ड्राइविंग ज्यादा सेफ हो सके. आइए आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं.

Snow Mode ऑन करने के बाद क्या होता है?

Snow Mode ऑन करते ही कार के कई सिस्टम अपने-आप एडजस्ट हो जाते हैं और गाड़ी का रिस्पॉन्स बदल जाता है. इसमें एक्सीलेरेटर और ट्रैक्शन कंट्रोल इस तरह काम करते हैं कि पहियों को फिसलने से रोका जा सके. पावर को जरूरत के हिसाब से पहियों तक पहुंचाया जाता है, जिससे फिसलन भरी सड़कों पर कार कंट्रोल में रहती है. Snow Mode की मदद से ड्राइवर सर्दियों के मुश्किल हालात में भी ज्यादा सेफ और आराम से ड्राइव कर पाते हैं.

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे इलाकों में, जहां सर्दी या बर्फबारी आम बात है, वहां गाड़ी का स्नो मोड इस्तेमाल करना हादसों का खतरा काफी हद तक कम कर सकता है. सर्दियों में होने वाले कई एक्सीडेंट्स की वजह खराब ग्रिप और कम विजिबिलिटी होती है. ऐसे में स्नो मोड को सही तरीके से इस्तेमाल करना आज की मॉडर्न कार चलाने वालों के लिए एक जरूरी ड्राइविंग जानकारी बन जाता है.

सर्दियों में ड्राइविंग करते समय ध्यान में रखें ये बातें

स्नो मोड ऑन करने के साथ-साथ सर्दियों में ड्राइविंग के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. जैसे कम ट्रैक्शन को देखते हुए गाड़ी की रफ्तार कम रखें, दूसरे वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें ताकि समय पर ब्रेक लगाया जा सके, कम दिखाई देने पर फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें और अचानक मोड़ या तेज ब्रेक से बचें, क्योंकि इससे गाड़ी फिसल सकती है.

इतना ही नहीं, ड्राइवर्स को रेगुलर अपनी गाड़ी के टायरों में हवा भी चेक करते रहनी चाहिए, क्योंकि सही प्रेशर वाले टायर बर्फीली सड़कों पर बेहतर पकड़ बनाते हैं. इसके अलावा ब्रेक और लाइट्स सही हालत में हों, यह चेक करना भी सेफ्टी के लिए बेहद जरूरी है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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