eSanjeevani : 14 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त में मिला टेली-परामर्श, जानें क्या है ई-संजीवनी

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने टेलीमेडिसिन एप्लिकेशन ई-संजीवनी विकसित की है जिसमें डॉक्टर से डॉक्टर और डॉक्टर से रोगी को परामर्श दिया जाता है. इस एप्लिकेशन के तहत विशेषज्ञों सहित डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में रोगियों को स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्रों (एचडब्ल्यूसी) में सेवाएं प्रदान करते हैं.

What Is eSanjeevani Teleconsultation Service? स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि उनके मंत्रालय की ई-स्वास्थ्य पहल ई-संजीवनी के तहत अप्रैल 2021 से इस साल 26 जुलाई तक 14.17 करोड़ से अधिक टेली-परामर्श दिये गए हैं. उन्होंने एक सवाल के जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने टेलीमेडिसिन एप्लिकेशन ई-संजीवनी विकसित की है जिसमें डॉक्टर से डॉक्टर और डॉक्टर से रोगी को परामर्श दिया जाता है. इस एप्लिकेशन के तहत विशेषज्ञों सहित डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में रोगियों को स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्रों (एचडब्ल्यूसी) में सेवाएं प्रदान करते हैं. इस ऐप की शुरुआत अप्रैल 2021 में की गई थी.

मांडविया ने कहा कि इसके अलावा दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी ई-संजीवनी के ‘ओपीडी’ के माध्यम से सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं औ 26 जुलाई, 2023 तक कुल 14,17,81,384 टेली- परामर्श दिये जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में, कुल 57,32,954 टेली-परामर्श दिये जा चुके हैं, जिनमें से 9,54,835 टेली- परामर्श वरिष्ठ नागरिकों को और 31,67,798 टेली- परामर्श महिलाओं को प्रदान किये गए हैं.

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उन्होंने कहा कि देश भर में टेलीमेडिसिन सेवाओं सहित डिजिटल स्वास्थ्य पहल के प्रभावी कार्यान्वयन की सहायता के उद्देश्य से, स्वास्थ्य मंत्रालय स्वास्थ्य आईटी बुनियादी ढांचे और इंटरनेट कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सभी राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है. सरकार ने टेलीमेडिसिन सेवाओं के बारे में जानकारी प्रसारित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में जनता के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए कई कदम उठाये हैं. उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन के माध्यम से संबंधित विशेषज्ञों के साथ परामर्श की सुविधा के लिए देश भर में विशेषज्ञ केंद्र स्थापित किये गए हैं.

ई-संजीवनी योजना क्या है?

ई-संजीवनी योजना एक राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा है, जिसे भारत सरकार ने COVID-19 महामारी के दौरान शुरू किया था. यह सेवा देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध है. ई-संजीवनी योजना के माध्यम से, लोग घर बैठे ही डॉक्टरों से परामर्श ले सकते हैं. यह सेवा 24 घंटे, 7 दिन उपलब्ध है.

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ई-संजीवनी योजना का उपयोग करने के लिए, लोगों को ई-संजीवनी पोर्टल या ऐप पर अपना पंजीकरण करना होगा. पंजीकरण के बाद, वे किसी भी डॉक्टर से परामर्श ले सकते हैं. परामर्श के दौरान, डॉक्टर मरीज के लक्षणों की जानकारी लेते हैं और उन्हें दवा या अन्य उपचार का सुझाव देते हैं. ई-संजीवनी योजना एक मुफ्त सेवा है. यह सेवा उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो दूरदराज के क्षेत्रों में रहते हैं या जो अस्पताल जाने में असमर्थ हैं.

ई-संजीवनी योजना के कुछ लाभ इस प्रकार हैं –

यह लोगों को घर बैठे ही डॉक्टरों से परामर्श लेने की सुविधा प्रदान करता है

यह लोगों को अस्पताल जाने में होने वाली परेशानी से बचाता है

यह लोगों को समय और धन की बचत करता है

यह लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करता है

ई-संजीवनी योजना एक महत्वपूर्ण पहल है, जो लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में मदद कर रही है. यह योजना देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध है और इसका उपयोग करना आसान है.

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By Rajeev kumar

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