20 हजार रुपये डाउन पेमेंट देकर घर लाएं TVS iQube इलेक्ट्रिक स्कूटर? जानें कितनी देनी होगी EMI

क्या आप TVS iQube इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं? यह आर्टिकल आपको बताता है कि कैसे आप मात्र ₹20 हजार के डाउन पेमेंट पर इसे घर ला सकते हैं. जानें आपके ईएमआई की गणना कैसे होगी.

देश में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग तेजी से बढ़ती जा रही है और इसके पीछे की मुख्य वजह पेट्रोल के बढ़ते दाम और मेंटेनेस खर्च है. इसी सूची में टीवीएस कंपनी की पॉपुलर स्कूटर TVS iQube का नाम है, जिसका क्रेज ग्राहकों के बीच जबरदस्त है. यदि आप भी इस शानदार ई-स्कूटर को घर लाने का प्लान कर रहे हैं और उसके लिए एक बार में अमाउंट नहीं जुटा पा रहे हैं तो फाइनेंस पर भी खरीद सकते हैं. इस गाड़ी को सिर्फ 20 हजार रुपए डाउन पेमेंट देकर भी घर ला सकते हैं. अब आपके माइंड में सवाल उठेगा, कैसे और EMI कितनी बनेगी? तो आइए इसके बारे में हम जानकारी देते हैं.

TVS iQube की कीमत और फाइनेंस प्लान 

टीवीएस आईक्यूब का बेस मॉडल (2.2kWh) को खरीदना चाहते हैं, तो शुरुआती एक्स शोरूम (दिल्ली) कीमत 94,434 रुपए है. इसके अलावा 3.1kWh बैटरी पैक वाले की कीमत 1,00,000 रुपये और 3.5kWh बैटरी पैक वाले का दाम 1,08,993 रुपये है. यदि आप 2.2kWh बैटरी पैक का ऑप्शन लेते हैं तो बाइक देखो के अनुसार, ऑन रोड प्राइस 1,22,012 रुपये होगी. उसके बाद आप 20 हजार रुपये डाउन पेमेंट करते हैं तो बाकी बचे अमाउंट को लोन के रूप में लेना होगा. 

20 हजार डाउन पेमेंट के बाद EMI कितनी होगी?

यदि आप 1,22,012 रुपये वाली 2.2kWh वेरिएंट को खरीदते हैं और उसके लिए स्टार्टिंग में 20 हजार रुपये डाउन पेमेंट देते हैं तो बाकी बचे 1,02,012 रुपये फाइनेंशियल बैंक आपको लोन देगी. यदि आपको यह लोन 8 प्रतिशत ब्याज दर पर 36 महीने यानि 3 साल के लिए ऑफर किया जाता है, तो महीने की EMI 3,197 रुपये बनेगी. इसका मतलब ब्याज के साथ कुल आपको 1,15,092 रुपये देने पड़ेंगे. इसपर कुल 13,080 रुपये का ब्याज लिया जाएगा. इसके अलावा आप अपनी बजट और कमाई के हिसाब से अलग-अलग टेन्योर का चयन कर सकते हैं, जिसमें आपकी EMI ऊपर-नीचे हो सकती है.

TVS iQube की खासियत क्या है?

इसमें 2.2kWh की बैटरी मिलती है. 75 kmph की टॉप स्पीड के साथ यह चल सकता है. इसका व्हील 140 nm टॉर्क जेनरेट करता है. 2 घंटे 50 मिनट में बैटरी को 0 से 80 पर्सेंट चार्ज किया जा सकता है. इसका रेंज 94 किलोमीटर है. इसके अलावा एलईडी हेडलाइट, टेललाइट और इन्डिकेटर्स मिलेंगे. डे टाइम रनिंग लाइट, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट कंसोल, 5 इंच टीएएफटी डिस्प्ले, ब्राइटनेस कंट्रोल, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, इंटरनेट कनेक्टिविटी और टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन जैसे शानदार फीचर्स मिलते हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Shivansh Shekhar

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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