ट्रायम्फ मोटरसाइकिल्स ने मोटो2 वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए नई पीढ़ी के रेस इंजन का खुलासा कर दिया है. यह नया इंजन 2027 सीजन से रेसिंग बाइक को ताकत देगा और मौजूदा इंजन के मुकाबले करीब 6 प्रतिशत ज्यादा पीक पावर देने के लिए तैयार किया गया है. खास बात यह है कि ज्यादा पावर के साथ इंजन का वजन भी 2 किलोग्राम कम किया गया है. ट्रायम्फ अगले कुछ महीनों में नए इंजन की ट्रैक टेस्टिंग शुरू करेगी, जबकि टीमों के साथ प्राइवेट टेस्टिंग की तैयारी पहले ही चल रही है.
2027 से Moto2 में दिखेगा नया इंजन
ट्रायम्फ 2019 से मोटो2 वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए एक्सक्लूसिव इंजन सप्लायर है. कंपनी ने पिछले करीब आठ सीजन में रेसिंग से मिले आंकड़ों और राइडर्स के फीडबैक का इस्तेमाल नई पावर यूनिट तैयार करने में किया है. इस दौरान मोटो2 में ट्रायम्फ के इंजन ने करीब 19.26 लाख किलोमीटर की रेसिंग पूरी की है.
कंपनी के मुताबिक इस अनुभव से इंजन के गियरबॉक्स और पावर डिलीवरी में कई सुधार किए गए. ट्रायम्फ इंजन के दौर में मोटो2 में करीब 100 ऑल-टाइम और रेस लैप रिकॉर्ड टूट चुके हैं. अब 2027 से नई पावर यूनिट के साथ इस प्रदर्शन को और आगे ले जाने की तैयारी है.
ज्यादा एयरफ्लो से बढ़ेगी इंजन की ताकत
नए इंजन को ज्यादा पावर देने के लिए ट्रायम्फ ने सिलेंडर में एयरफ्लो बढ़ाने पर खास काम किया है. इसके लिए नई सिलेंडर हेड डिजाइन की गई है. इसमें कम वजन वाला नया वाल्वट्रेन, ज्यादा फ्लो वाले पोर्ट और नया कम्बशन चैंबर शामिल है.
इन बदलावों से इंजन का कंप्रेशन रेशियो बढ़ाने के साथ पूरे आरपीएम रेंज में ज्यादा टॉर्क देने में मदद मिलेगी. कंपनी ने अतिरिक्त पावर और टॉर्क को संभालने के लिए क्रैंककेस और इंजन के अंदर के दूसरे कंपोनेंट्स को भी दोबारा डिजाइन किया है.
पावर बढ़ेगी, वजन 2 किलो घटेगा
नई पावर यूनिट की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ ज्यादा आउटपुट नहीं है. ट्रायम्फ ने इंजन के कुल वजन में करीब 2 किलोग्राम की कमी भी की है. कंपनी का लक्ष्य ज्यादा पावर, बेहतर टॉर्क और कम वजन के जरिए मोटो2 रेसिंग को और तेज बनाना है.
नए इंजन में करीब 6 प्रतिशत ज्यादा पीक पावर मिलने की बात कही गई है. हालांकि, ट्रायम्फ ने अभी इंजन की पूरी तकनीकी जानकारी या अंतिम क्षमता के आंकड़े साझा नहीं किए हैं. कंपनी आने वाले समय में इसकी विस्तृत जानकारी जारी करेगी.
नए इंजन के साथ बदलना पड़ेगा पूरा चेसिस
नई पावर यूनिट का असर सिर्फ इंजन तक सीमित नहीं रहेगा. ज्यादा पावर और बदले हुए इंजन डिजाइन के कारण 2027 के लिए मोटो2 चेसिस निर्माताओं को नए चेसिस विकसित करने होंगे.
खासतौर पर एयर इनटेक की स्थिति और इंजन माउंटिंग पॉइंट्स में बदलाव करना होगा. ट्रायम्फ पिछले 12 महीनों से चेसिस निर्माताओं के साथ इस दिशा में काम कर रही है और उन्हें नए इंजन के लिए जरूरी तकनीकी जानकारी दी जा रही है.
इसी साल शुरू होगी ट्रैक टेस्टिंग
नए इंजन की टीमों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. प्राइवेट टेस्टिंग पहले से चल रही है और ट्रायम्फ आने वाले महीनों में इसे ट्रैक पर उतारने की तैयारी कर रही है. नए इंजन का ऑन-ट्रैक डेब्यू इसी साल होने की उम्मीद है.
इसके बाद टीमों और चेसिस निर्माताओं को 2027 सीजन की तैयारी के लिए पर्याप्त टेस्टिंग डेटा मिलेगा. ट्रायम्फ को उम्मीद है कि नई पावर यूनिट के साथ मोटो2 में लैप टाइम और कम होंगे और मिडिलवेट रेसिंग का मुकाबला पहले से ज्यादा तेज और करीबी होगा.
Moto2 से MotoGP तक तैयार होते हैं राइडर्स
मोटो2 को लंबे समय से मोटोGP की अगली पीढ़ी के राइडर्स के लिए अहम स्टेज माना जाता है. ट्रायम्फ के इंजन के साथ भी कई राइडर्स ने इस कैटेगरी में अपनी पहचान बनाने के बाद प्रीमियर क्लास का रुख किया है.
नई पावर यूनिट के साथ ट्रायम्फ अब मोटो2 में प्रदर्शन की अगली छलांग लगाने की तैयारी कर रही है. 2027 में ज्यादा पावर और नए चेसिस के साथ होने वाली रेसिंग से न सिर्फ लैप टाइम पर नजर रहेगी, बल्कि यह भी देखना दिलचस्प होगा कि नई तकनीक टीमों की रणनीति और राइडिंग स्टाइल को कितना बदलती है.
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