TikTok पर मोटे और गरीब लोगों के लिए कोई जगह नहीं ?

TikTok suppress Fat Poor and LGBT users content: शॉर्ट-वीडियो कॉन्टेंट प्लैटफॉर्म TikTok इन दिनों यूजर्स की नाराजगी का सामना कर रहा है. दरअसल कंपनी ने ‘असामान्य आकार के शरीर’ या ‘बदसूरत दिखने वाले’ यूजर्स पर रोक लगाने के लिए अपने मॉडरेटर्स को आदेश दिया है.

TikTok suppress Fat Poor and LGBT users content: शॉर्ट-वीडियो कॉन्टेंट प्लैटफॉर्म TikTok इन दिनों यूजर्स की नाराजगी का सामना कर रहा है. दरअसल कंपनी ने ‘असामान्य आकार के शरीर’ या ‘बदसूरत दिखने वाले’ यूजर्स पर रोक लगाने के लिए अपने मॉडरेटर्स को आदेश दिया है. रिपोर्ट्स की मानें, तो कंपनी की ओर से जारी गाइडलाइनों में मॉडरेटर्स को मोटे, बदसूरत, दिव्यांग और LGBT लोगों की वीडियो को ऐप से हटाने को कहा गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, इस पॉलिसी में न केवल गरीब, बदसूरत या असामान्य शरीर वाले यूजर्स की वीडियो को रोकने की गाइडलाइन थी, बल्कि दिव्यांग और LGBT के पोस्ट को भी रोकने की गाइडलाइन शामिल है. सिर्फ यही नहीं, घर की टूटी हुई दीवार या पुराने दिखने वाले घर में बनाये गए वीडियो को भी हटाये जाने की बात है. टिक-टॉक के इस हरकत से यूजर्स को यकीनन ठेस पहुंचेगा.

हालांकि इस बात को संभालते हुए टिक-टॉक के एक प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी ने ऐसी पॉलिसी यूजर्स को सिर्फ बुलिंग से बचाने के लिए बनाया था, जो एक समय में कंपनी के पास थी, लेकिन अब इसे इस्तेमाल नहीं किया जाता है. बताते चलें कि इससे पहले भी टिकटॉक के कंटेंट को लेकर ऐसे आरोपों का सामना करना पड़ चुका है. मामला इतना बढ़ गया था कि टिकटॉक को बैन करने का फैसला लिया गया, लेकिन बाद में कंपनी ने माफी मांगकर और अपनी पॉलिसी में बदलाव खुद को बैन से बचा लिया.

बताते चलें कि पॉपुलैरिटी के मामले में टिकटॉक ने दूसरे सभी ऐप्स को पीछे छोड़ दिया है. सोशल मीडिया (Social Media) पर आज के समय में सबसे ज्यादा लोग टिक टॉक (TikTok) का इस्तेमाल करते हैं. आज लाखों की संख्या में टिकटॉक के यूजर्स मौजूद हैं. आज हर 10 में से 3 व्यक्ति इस ऐप का इस्तेमाल करता है. लेकिन TikTok एक बार फिर से विवादों में घिर गया है.

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By Rajeev kumar

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जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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