Twitter के ज्यादातर यूजर्स का Blue Tick बरकरार, बदल गया LOGO

ट्विटर ने यह ऐलान किया था कि 1 अप्रैल के बाद से नॉन मेंबर्स के अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिये जाएंगे, लेकिन इसके बावजूद अब भी कई लोगों के अकाउंट में फ्री वाला ब्लू टिक मौजूद है. एलन मस्क ने एक नये घटनाक्रम में ट्विटर के होम पेज पर नीली चिड़िया वाले लोगो को एक कुत्ते 'डोजे' से बदल दिया.

Twitter Blue Tick & Twitter Logo Change: सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ट्विटर ने अब तक ज्यादातर यूजर्स का ब्लू टिक नहीं हटाया है. माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट को वेरिफाई करनेवाले इस ब्लू टिक की मेंबरशिप के लिए पेमेंट नहीं करने के बावूजद ऐसा किया गया है.

हालांकि भारत के कुछ संगठनों ने ट्विटर पर ब्रांड की प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए ब्लू सब्सक्रिप्शन के लिए पेमेंट किया है. ट्विटर ने यह ऐलान किया था कि 1 अप्रैल के बाद से नॉन मेंबर्स के अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिये जाएंगे, लेकिन इसके बावजूद अब भी कई लोगों के अकाउंट में फ्री वाला ब्लू टिक मौजूद है.

हमेशा खबरों में बने रहनेवाले एलन मस्क ने एक नये घटनाक्रम में ट्विटर के होम पेज पर नीली चिड़िया वाले लोगो को एक कुत्ते ‘डोजे’ से बदल दिया. आपको मालूम होगा कि इस लोगो का इस्तेमाल क्रिप्टोकरेंसी ‘डॉजकॉइन’ के लिए भी किया जाता है.

एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ट्विटर का लोगो बदलकर डोजे को लगाने के बाद डॉजकॉइन क्रिप्टोकरेंसी की कीमत बढ़ गई. टेक जगत में दिलचस्पी रखनेवालों को मालूम होगा कि ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने डॉजकॉइन में निवेश किया है.

लोगो बदलने से इतर ट्विटर ने पिछले महीने कहा था कि वह एक अप्रैल से अपने पॉपुलर वेरिफिकेशन प्रोग्राम को बंद करना शुरू कर देगा और ‘ब्लू टिक’ को हटा देगा. सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ने न्यूयॉर्क टाइम्स के ट्विटर अकाउंट से वेरिफाइड टिक हटा दिया है.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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