भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPV) ने अपने पैसेंजर व्हीकल बिजनेस के लिए एक नई ब्रांड पहचान का ऐलान किया है. कंपनी ने अपने पूरे पैसेंजर व्हीकल पोर्टफोलियो को अब एक साझा पहचान देते हुए ‘टाटा.कार्स’ (TATA.CARS) नाम से नया कंज्यूमर-फेसिंग मास्टर ब्रांड लॉन्च किया है. इस नई ब्रांडिंग के साथ टाटा मोटर्स ने एक नया ग्लोबल ब्रांड वादा "कुछ भी बहुत दूर नहीं" (Nothing's Too Far) भी पेश किया है, जो देश भर के लाखों कार ग्राहकों के भरोसे पर आधारित है.
एक ही छत के नीचे आएंगे सभी पैसेंजर वाहन
टाटा मोटर्स के इस नए कदम का मुख्य उद्देश्य कंपनी के अलग-अलग मॉडल्स को एक ही छत्रछाया (Umbrella Brand) के नीचे लाना है. इसके तहत कंपनी की हैचबैक, सेडान, प्रीमियम एसयूवी (जैसे पंच, नेक्सॉन, हैरियर, सफारी) से लेकर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स तक के पूरे पोर्टफोलियो को 'टाटा.कार्स' के जरिए नई पहचान मिलेगी. हालांकि, कंपनी का ईवी वर्टिकल 'Tata.ev' के नाम से अपनी पहचान बनाए रखेगा, लेकिन यह भी 'टाटा.कार्स' इकोसिस्टम का ही हिस्सा रहेगा.
ग्राहकों के अनुभव में आएगा बड़ा बदलाव
यह नई ब्रांड पहचान केवल नाम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कंपनी इसे अपने पूरे कंज्यूमर नेटवर्क पर लागू करने जा रही है. अब ग्राहकों को टाटा मोटर्स के सभी डिजिटल चैनल्स, आधिकारिक वेबसाइट्स, रीटेल डीलरशिप्स, शोरूम्स और सर्विस सेंटर्स पर 'टाटा.कार्स' की नई विजुअल और सोनिक ब्रांडिंग दिखाई और सुनाई देगी. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह रीब्रांडिंग उन आम ग्राहकों के नजरिए को ध्यान में रखकर की गई है, जो वर्षों से इन गाड़ियों को अनौपचारिक रूप से "टाटा कार" ही कहते आए हैं.
कंपनी का कानूनी नाम और गाड़ियों का लोगो नहीं बदलेगा
टाटा मोटर्स ने अपने ग्राहकों और निवेशकों के लिए यह बात पूरी तरह साफ कर दी है कि इस नई रीब्रांडिंग से कंपनी के कॉर्पोरेट ढांचे पर कोई असर नहीं पड़ेगा. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPV) ही कंपनी की वैधानिक और कानूनी इकाई (Legal Entity) बनी रहेगी. सभी नियामकीय, कानूनी और इनवेस्टर कम्युनिकेशंस में इसी नाम का इस्तेमाल जारी रहेगा. इसके अलावा, गाड़ियों पर लगने वाला टाटा का सिग्नेचर एलिप्स ('T') लोगो और अलग-अलग मॉडल्स के नाम पहले की तरह ही रहेंगे.
देश की पहली स्वदेशी कार से इलेक्ट्रिक क्रांति तक का सफर
कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ शैलेश चंद्रा ने इस मौके पर कहा कि भारत की पहली स्वदेशी कार बनाने से लेकर 5-स्टार सेफ्टी स्टैंडर्ड स्थापित करने और देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की अगुवाई करने तक, टाटा मोटर्स ने हमेशा सीमाओं को चुनौती दी है. 'Nothing's Too Far' का विजन इसी सोच को आगे बढ़ाता है, जो यह दर्शाता है कि आधुनिक मोबिलिटी अब लोगों की महत्वाकांक्षाओं और सपनों को पूरा करने का एक मजबूत माध्यम है.
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