पेट्रोल बाइक vs इलेक्ट्रिक स्कूटर: डेली 30 से 50 किलोमीटर चलने वालों के लिए कौन-सा ऑप्शन बेहतर?

रोज़ाना 30 से 50 किलोमीटर का सफर तय करना है? पेट्रोल बाइक और इलेक्ट्रिक स्कूटर में से कौन है आपके लिए बेहतर? रनिंग कॉस्ट, मेंटेनेंस और सुविधा के फायदे-नुकसान को समझें.

रोजाना 30 से 50 किलोमीटर का सफर तय करने वाले लोगों के लिए सही गाड़ी का चुनाव करना बहुत जरूरी है. आज के समय में पेट्रोल बाइक और इलेक्ट्रिक स्कूटर दोनों ही बाजार में मजबूत दावेदार हैं. रोज के सफर में कम खर्च और बेहतर आराम पाने के लिए सही गाड़ी चुनना आपके बजट और जरूरत पर सीधा असर डालता है. आइए समझते हैं कि आपके लिए दोनों में से कौन-सा ऑप्शन सबसे बेहतर रहेगा.

पेट्रोल बाइक vs इलेक्ट्रिक स्कूटर: रनिंग कॉस्ट और डेली खर्च का गणित

अगर आप रोज 40 किलोमीटर चलते हैं, तो महीने में यह दूरी लगभग 1200 किलोमीटर बनती है. एक अच्छी पेट्रोल बाइक 50 किमी प्रति लीटर का माइलेज देती है. उदाहरण के लिए पेट्रोल की कीमत करीब 100 रुपये प्रति लीटर मानकर चलें तो महीने का खर्च 2400 रुपये आएगा. वहीं दूसरी तरफ, इलेक्ट्रिक स्कूटर को इतनी दूरी तय करने में केवल 2 से 3 यूनिट बिजली लगती है. इसका महीने का खर्च मात्र 300 से 400 रुपये आएगा, जिससे आपकी सीधी बचत होगी.

पेट्रोल बाइक vs इलेक्ट्रिक स्कूटर: शुरुआती कीमत और मेंटेनेंस कॉस्ट

शुरुआती कीमत की बात करें तो एक अच्छी 100-110cc पेट्रोल बाइक 75,000 रुपये से 90,000 रुपये में मिल जाती है. वहीं एक भरोसेमंद इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत 1 लाख से 1.30 लाख रुपये तक होती है. हालांकि मेंटेनेंस के मामले में इलेक्ट्रिक स्कूटर काफी सस्ता पड़ता है, क्योंकि इसमें इंजन ऑयल, क्लच प्लेट या पिस्टन जैसी चीजें बदलने का झंझट नहीं होता. पेट्रोल बाइक में हर 3000-4000 किलोमीटर पर सर्विसिंग का खर्च आता है.

ये भी पढ़ें: नई TVS Jupiter 110 खरीदने का बना रहे हैं मन? जानें Dual-Tone Edition में क्या है खास और कितनी है कीमत

पेट्रोल बाइक vs इलेक्ट्रिक स्कूटर: रेंज, चार्जिंग और कन्वीनियंस 

पेट्रोल बाइक में रेंज या चार्जिंग की कोई फिक्र नहीं होती. पेट्रोल खत्म होने पर आप किसी भी फ्यूल स्टेशन पर दो मिनट में टैंक फुल करवा सकते हैं. इलेक्ट्रिक स्कूटर में आपको रोज घर पर चार्जिंग का ध्यान रखना पड़ता है. 30 से 50 किलोमीटर की डेली राइड के लिए 100 किलोमीटर रेंज वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर काफी है, जिसे आप रात में आसानी से चार्ज कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें: 85 हजार रुपये से कम में घर लाएं Honda Shine 125, सस्ते मॉडल में मिलते हैं डिजिटल मीटर और 5-स्पीड गियरबॉक्स

पेट्रोल बाइक vs इलेक्ट्रिक स्कूटर: आपके लिए कौन-सा ऑप्शन बेहतर?

अगर आपका बजट थोड़ा ज्यादा है और आप हर महीने पेट्रोल के भारी खर्च से बचना चाहते हैं, तो इलेक्ट्रिक स्कूटर आपके लिए सबसे बेस्ट है. यह रोजाना 30 से 50 किलोमीटर चलने वालों के पैसों की भारी बचत करता है. वहीं अगर आपके इलाके में बिजली की समस्या है या आप बिना चार्जिंग की चिंता के लंबी दूरी तय करना चाहते हैं, तो पेट्रोल बाइक चुनना सही रहेगा.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >