Online Games को लेकर रेग्युलेटरी पॉलिसी बनाने का समय आ गया है?

Online Gaming को लेकर सरकार की किसी मानक इकाई की ओर से क्या कोई नियामक पॉलिसी बनाने का समय आ गया है? एक नीति निर्धारण समूह ने बच्चों की सुरक्षा और दूर-दराज क्षेत्रों से संचालन करने वाले प्रतिभागियों को ध्यान में रखते हुए कौशल-आधारित 'ऑनलाइन गेमिंग' के लिए नियामक ढांचा बनाने की मांग उठायी है.

Online Gaming को लेकर सरकार की किसी मानक इकाई की ओर से क्या कोई नियामक पॉलिसी बनाने का समय आ गया है? एक नीति निर्धारण समूह ने बच्चों की सुरक्षा और दूर-दराज क्षेत्रों से संचालन करने वाले प्रतिभागियों को ध्यान में रखते हुए कौशल-आधारित ‘ऑनलाइन गेमिंग’ के लिए नियामक ढांचा बनाने की मांग उठायी है.

‘चेज इंडिया’ ने इस संबंध में एक दस्तावेज जारी कर ऑनलाइन गेम क्षेत्र के लिए एकीकृत नियामक ढांचा बनाने का जिक्र किया है. समूह ने दस्तावेज में कहा, कौशल-आधारित ऑनलाइन गेमिंग के लिए एक स्पष्ट और ठोस राष्ट्रीय नियामक ढांचा बच्चों और उपभोक्ताओं के सुरक्षा के साथ ही इस ‘उभरते’ क्षेत्र के विकास को सुनिश्चित करेगा.

इसके अलावा, इस क्षेत्र में विदेशों से संचालित अवैध प्रतिभागियों को दूर रखने में मददगार होगा. इसके मुताबिक, मौजूदा समय में विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन गेम को लेकर अलग-अलग कानून हैं जिससे वैधानिक प्रतिभागियों के लिए संशय की स्थिति बन जाती है.

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