FASTag यूजर्स को अब बार-बार नहीं करना पड़ेगा KYV अपडेट, NHAI ने दूर की बड़ी टेंशन

अब प्राइवेट गाड़ियों वालों के लिए FASTag इस्तेमाल करना और आसान हो गया है. KYV से जुड़े नियम थोड़े ढीले कर दिए गए हैं. यानी अब हर बार भारी-भरकम वेरिफिकेशन की झंझट नहीं रहेगी. इससे छोटी-मोटी डाटा गलती की वजह से FASTag बंद होने का डर भी कम होगा और टोल प्लाजा पर जाम भी घटेगा.

अब प्राइवेट गाड़ी चलाने वालों के लिए FASTag से जुड़ा एक बड़ा और राहत भरा बदलाव आ गया है. NHAI ने FASTag में लगने वाली Know Your Vehicle (KYV) की ज़रूरी नियम हटा दी है. इससे टोल पेमेंट पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा. पहले कई बार KYV पूरा न होने या वेरिफिकेशन पेंडिंग रहने की वजह से FASTag बंद हो जाता था या टोल लेन में एंट्री नहीं मिलती थी. इसकी वजह से ड्राइवरों को काफी परेशानी होती थी.

लेकिन अब इस नियम के हटने के बाद प्राइवेट कार मालिकों को टोल प्लाजा पर ज्यादा स्मूथ और बिना झंझट वाला एक्सपीरियंस मिलने वाला है. आइए आपको आसान शब्दों में समझते हैं अब KYV हटने से क्या बदलेगा, इसे क्यों हटाया गया और नॉर्मल हाईवे यूजर्स पर इसका क्या असर पड़ेगा.

FASTag KYV क्या था?

FASTag KYV एक तरह का गाड़ी वेरिफिकेशन प्रोसेस था. इसे गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस डिटेल और ओनर की जानकारी से जोड़ा गया था. इसका मकसद FASTag के गलत इस्तेमाल, डुप्लिकेट टैग और टोल प्लाजा पर गलत गाड़ी कैटेगरी जैसी गड़बड़ियों को रोकना था. लेकिन असल में ये कई प्राइवेट गाड़ी मालिकों के लिए सिरदर्द बन गया था. कई बार गाड़ी की डिटेल में गलती, वेरिफिकेशन में देरी या डीलरशिप रजिस्ट्रेशन में मिसमैच की वजह से FASTag ब्लॉक या सस्पेंड हो जाता था. इससे टोल प्लाजा पर जाम जैसी स्थिति बन जाती थी.

अब क्या बदला?

अब नए नियमों के बाद प्राइवेट गाड़ियों वालों के लिए FASTag से जुड़ा एक बड़ा झंझट खत्म हो गया है. पहले FASTag चालू रखने के लिए KYV अपडेट करना जरूरी होता था. लेकिन अब प्राइवेट गाड़ी मालिकों को इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी. हालांकि ये राहत सिर्फ प्राइवेट गाड़ियों के लिए है. कमर्शियल व्हीकल्स को अभी भी KYV नियम फॉलो करने होंगे. NHAI का कहना है कि ये फैसला टोल कलेक्शन को आसान बनाने और खासकर रोज हाईवे इस्तेमाल करने वाले लोगों का एक्सपीरियंस बेहतर करने के लिए लिया गया है.

ड्राइवरों को रखना पड़ेगा इन बातों का ध्यान  

सीधे-सीधे समझें तो अब KYV जरूरी नहीं है. लेकिन ड्राइवरों को कुछ बेसिक चीजों का ध्यान फिर भी रखना पड़ेगा. FASTag में बैलेंस सही होना चाहिए और वो आपकी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर से लिंक होना चाहिए. अगर कोई प्राइवेट गाड़ी वाला FASTag कमर्शियल गाड़ी में इस्तेमाल करता पकड़ा गया, तो जुर्माना लग सकता है. बैंक और FASTag देने वाली कंपनियां फ्रॉड रोकने के लिए हल्की-फुल्की जांच करती रहेंगी, लेकिन इससे आम प्राइवेट कार वालों के टोल पेमेंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

यह भी पढ़ें: Budget 2026: ग्रीन एनर्जी से लेकर EV तक, सरकार का बड़ा क्लीन मोबिलिटी प्लान

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >