न्यू लॉन्च Volkswagen Tayron लेने का बना रहे हैं प्लान? खरीदने से पहले जान लें गाड़ी की खासियत

फॉक्सवैगन ने अपनी फ्लैगशिप एसयूवी Tayron का नया लाइफ ट्रिम लॉन्च किया है, जिसकी कीमत R-Line मॉडल से 5 लाख रुपए कम है. जानें इस नए वेरिएंट के दमदार इंजन, फीचर्स और कॉस्मेटिक बदलावों के बारे में.

इंडियन ऑटोमोबाइल मार्केट की चर्चित कंपनी फॉक्सवैगन ने अपनी फ्लैगशिप एसयूवी का नया वेरिएंट लॉन्च कर दिया है. दरअसल, हम बात Volkswagen Tayron Life की कर रहे हैं, जिसका लाइफ ट्रिम लॉन्च किया गया है. इसमें ध्यान देने वाली यह है कि न्यू ट्रिम की कीमत ब्रांड के R-Line मॉडल से 5 लाख रुपए कम कर दी गई है. इन दोनों में टर्बो पेट्रोल (TP) इंजन ऑप्शन कंपनी ऑफर करती है. दोनों वेरिएंट में सिर्फ कॉस्मेटिक का डिफरेंस है. यदि आप खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो इसकी खासियत पहले जान लीजिए. 

Volkswagen Tayron का इंजन कितना पावरफूल है?

फॉक्सवैगन टैरोन लाइफ में 2 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन लगाया गया है, जो 204HP पावर और 320NM टॉर्क जेनरेट कर सकता है. जैसा कि हमने ऊपर भी बताया था, कि आर-लाइन और लाइफ दोनों में सेम इंजन ऑफर किया गया है. इसके अलावा इसमें आपको 7-स्पीड डुअल क्लच ऑटोमेटिक गियरबॉक्स मिलता है. ऑल-व्हील-ड्राईव फीचर्स भी कंपनी ऑफर करती है

Volkswagen Tayron Life की खासियत क्या है?

कंपनी ने फॉक्सवैगन टैरोन लाइफ को 41.99 लाख रुपए एक्स शोरूम स्टार्टिंग प्राइस पर लॉन्च किया है. वहीं, आर-लाइन वेरिएंट की कीमत 46.99 लाख रुपए है. दाम के मामले में लाइफ 5 लाख रुपए कम है. ऐसे में ग्राहकों को इसका फायदा मिल सकता है. हालांकि, कॉस्मेटिक बदलाव इसके पीछे का बड़ा कारण हो सकता है. 

Volkswagen Tayron Life में क्या फीचर्स मिलेंगे?

अब यह जब क्लियर है कि Volkswagen Tayron R-Line महंगी इसलिए है, क्योंकि इसमें स्टायलिंग एलिमेंट्स अधिक हैं. वहीं, लाइफ में इसे कम रखा गया है, जिसके चलते कीमत 5 लाख कम है. कार का फ्रंट ग्रिल, डोर के पास क्लैडिंग, व्हील आर्च और रियर बंपर ग्लॉसी फिनिश में नहीं आता. इसके अलावा बंपर में क्रोम फिनिश L - Shaped स्लैटस मिलेंगे. ग्रिल के नीचे सिल्वर पेंट का इस्तेमाल किया गया है. इसमें पतली मैट्रिक्स LED हेडलाइट्स और एक एल्युमिनेटेड BW लोगो मिलेगा. यह गाड़ी 2789 MM व्हीलबेस के साथ आएगी. रियर में सिंपल डिजाइन वाला बंपर दिया गया है. 

इंटीरियर में नहीं है कोई बड़ा बदलाव 

इसके अलावा इस कार की इंटीरियर में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है. आपको इसमें जगह-जगह पर बैज जरूर दिखेंगे. दोनों ट्रिम्स में मिलने वाले फीचर्स में ज्यादा डिफरेंस नहीं है. Volkswagen Tayron लाइफ में 15 इंच टचस्क्रीन और 10.25 इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया गया है. पैनोरोमिक सनरूफ, 3 जोन क्लाइमेट कंट्रोल, पावर्ड और वेंटीलेटेड फ्रंट सीट्स, 9 एयरबैग, LEVEL-2 ADAS और 360 डिग्री कैमरा लगे हैं. 

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By Shivansh Shekhar

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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