नई-नवेली Toyota Hilux खरीदने का है प्लान? पहले जान लें 3 फायदे और 2 नुकसान

टोयोटा हिलक्स की नौवीं जनरेशन लॉन्च हो चुकी है, जिसकी शुरुआती कीमत 31.99 लाख रुपये है. यह पिकअप ट्रक शानदार ऑफ-रोड परफॉर्मेंस और बड़ी सामान रखने की क्षमता के साथ आता है. हालांकि, कुछ फीचर्स की कमी और खराब रास्तों पर इसकी परफॉर्मेंस को समझना भी जरूरी है.

टोयोटा हिलक्स (Toyota Hilux) 9वीं जेनरेशन को कंपनी ने मार्केट में लॉन्च कर दिया है, जिसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 31.99 लाख रुपये है. यह कार अपने पहले मॉडल के जैसे ही बॉडी-ऑन-फ्रेम IMV प्लेटफॉर्म का यूज करती है, लेकिन इसके इंटीरियर और एक्सटीरियर में कई बदलाव किए गए हैं. यदि आपने भी इस नवेली हिलक्स को खरीदने का प्लान बनाया है, तो उससे पहले 3 फायदे और नुकसान के बारे में जान लें. इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि 3 वजह जिसके चलते खरीद सकते हैं और 2 कारण जो इसे छोड़ सकते हैं.

टोयोटा हिलक्स खरीदने के 3 फायदे 

दमदार इंजन 

पिछले मॉडल वाले टोयोटा हिलक्स में 2.8 लीटर डीजल इंजन मिलता था, जो 204 हॉर्सपावर देता था. वहीं, अब नौवीं जेनरेशन वाली हिलक्स में 2.8 लीटर 4-सिलेंडर डीजल इंजन लगा है, जो 204 bhp की पावर और 500 nm का टॉर्क जेनरेट करता है. इसे 6-स्पीड टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से जोड़ा गया है. आरपीएम रेंज में ऑफ-रोड ड्राइविंग करते समय भी स्पीड बनाए रखता है, जो इसे दमदार बनाता है. गियर सही तरीके से चेंज होता है, चाहे आप इसे खुद कम करें या लीवर के जरिए इनपुट दें. 

एक्सलेंट ऑफ-रोड परफॉर्मेंस 

इस हिलक्स को आप किसी भी ऑफ-रोड ट्रोल की ओर ले जा सकते हैं. इस कार का ऑफ रोड परफॉर्मेंस शानदार है. सस्पेंशन सेटअप में आगे की तरफ इंडीपेंडेंट डबल विशबोन और कॉइल स्प्रिंग, पीछे की तरफ लीफ स्प्रिंग के साथ रिजिड एक्सल शामिल हैं. 4x2 केवल बेस वेरिएंट में उपलब्ध है, जबकि अन्य में 4x4 की सुविधा मिलती है. यही वजह है कि हिलक्स बड़े-बड़े पत्थरों, गहरे गड्ढों और नुकीलें किनारों को आसानी से पार कर सकता है. 

सामान रखने की भरपूर जगह 

टोयोटा हिलक्स नौवीं जेनरेशन में 470 किलोग्राम (KG) भार सहने की कैपिसिटी दी गई है. एक पिकअप ट्रक होने का नाते पैसेंजर्स डिब्बे के पीछे में बड़ा और खुला बेड मिलता है. हालांकि, इस बेड की क्षमता कितनी है उसका खुलासा कंपनी ने नहीं किया है. बेड का साइज इतना बड़ा है कि इसमें कैंपिंग का सामान ज्यादा से ज्यादा मात्रा में रख सकते हैं. इसके किनारों और पीछे की ओर लगे इंटीग्रेटेड स्टेप्स से सामान लोड करना और उसे निकालना भी आसान होता है. 

टोयोटा हिलक्स नहीं खरीदने के 2 कारण 

कई सारे फीचर्स की कमी 

नई टोयोटा हिलक्स में मिलने वाली 360 डिग्री कैमरे की क्वालिटी ज्यादा बेहतर नहीं है. इसके टॉप वेरिएंट हिलक्स वीएक्स 4x4 में भी फीचर्स की कमी है. 36.69 लाख रुपये स्टार्टिंग कीमत होने के बावजूद ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, पावर और वेंटीलेटेड फ्रंट सीटें, ADAS, रियर डिफॉगर और अपहोल्स्ट्री जैसे फीचर्स नहीं मिलते हैं.

खराब रास्तों पर स्लो-स्पीड 

हालांकि, हिलक्स टूटी-फूटी सड़कों पर ऑफ-रोड रास्तों और तेज गति पर आसानी से चलती है, लेकिन ऊबड़-खाबड़ रास्तों और छोटे गड्ढों पर यह अस्थिर और अनियंत्रित महसूस होती है. इसके पीछे की वजह इसका हार्ड रियर एक्सल है, जो ऊबड़-खाबड़ जगहों पर जंप करने लगता है. यह उस समय अधिक होता है, जब पीछे पूरी तरह खाली हो. साथ ही, लो-स्पीड पर इलेक्ट्रिक पावर स्टियरिंग का भारी होना भी इसका कारण हो सकता है.

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लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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