मॉनसून आने से पहले गाड़ी की सही तरीके से जांच करना बहुत जरूरी होता है. टायर, वाइपर, ब्रेक, लाइट्स और बैटरी जैसी चीजों को जरूर चेक करें, ताकि बारिश के मौसम में अचानक खराबी या दिक्कत का सामना न करना पड़े. तेज बारिश, पानी भरी सड़कें, गड्ढे और ज्यादा नमी गाड़ी की परफॉर्मेंस पर असर डाल सकते हैं. अगर पहले से ध्यान न दिया जाए तो बाद में मरम्मत का खर्च भी बढ़ सकता है. आइए अब जान लेते हैं आपको किन-किन चीजों को चेक करना चाहिए.
टायर्स की कंडीशन चेक करें
गीले रास्तों पर गाड़ी की पकड़ बनाए रखने में टायर्स सबसे जरूरी होते हैं. इसलिए समय-समय पर इनके ट्रेड (grooves) की गहराई जरूर चेक करनी चाहिए. यह भी देखना चाहिए कि कहीं टायर घिसे हुए, कटे-फटे या असमान तरीके से खराब तो नहीं हो रहे हैं. साथ ही, टायर में सही प्रेशर बनाए रखना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि गलत प्रेशर से गाड़ी की हैंडलिंग और ब्रेकिंग दोनों पर असर डाल सकती हैं.
वाइपर और वॉशर सिस्टम को चेक करें
घिसे हुए वाइपर ब्लेड बारिश के समय आपकी ड्राइविंग को काफी मुश्किल बना सकते हैं. क्योंकि इससे विजिबिलिटी कम हो जाती है. अगर वाइपर शीशे पर ठीक से पानी साफ नहीं कर रहे हों, धारियां छोड़ रहे हों या आवाज कर रहे हों, तो उन्हें बदलना जरूरी हो सकता है. साथ ही, वॉशर फ्लूड का लेवल और नोजल्स की सही काम करने की सिचुएशन भी समय-समय पर चेक करते रहना चाहिए.
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बैटरी को टेस्ट कर लें
मॉनसून के मौसम में कार की बैटरी की कमजोरी आसानी से सामने आ सकती है. ऐसे में बैटरी के टर्मिनल्स के आसपास जंग (corrosion) तो नहीं है, यह जरूर चेक करना चाहिए. साथ में ये भी चेक करें कि सभी कनेक्शन अच्छे से टाइट हों. अगर बैटरी कई साल पुरानी हो चुकी है, तो उसे एक बार किसी एक्सपर्ट से जांच करवाना बेहतर रहता है.
ड्रेनेज चैनल्स साफ करें
ड्रेनेज चैनल्स में अक्सर मिट्टी, पत्ते और कचरा फंसकर जाम हो जाते हैं. अगर इन्हें समय-समय पर साफ न किया जाए तो पानी जमा होने लगता है. ये आगे चलकर गाड़ी के केबिन या इलेक्ट्रिकल पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए इनकी रेगुलर सफाई करना बहुत जरूरी है.
दरवाजों और खिड़कियों के सील चेक करें
अगर कार के दरवाजों और खिड़कियों के आसपास लगी रबर सील खराब या घिस गई हो, तो बारिश का पानी आसानी से केबिन के अंदर घुस सकता है. इसलिए समय-समय पर इन सील्स को चेक करें और जरूरत पड़ने पर इन्हें बदल दें. इससे न सिर्फ पानी रिसने की समस्या रुकती है, बल्कि अंदर की सीटें सूखी रहती हैं और बदबू या नमी जैसी दिक्कतें भी नहीं होतीं.
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