देश में लग्जरी कारों की डिमांड तेजी से बढ़ती जा रही है. ग्राहकों को इनके फीचर्स और डिजाइन काफी लुभा रहे हैं. यही वजह है कि Mercedes और BMW ने एक नया रिकॉर्ड अपने नाम किया है. बीते कुछ सालों में इंडियन ऑटोमोबाइल मार्केट तेजी से आगे बढ़ा है, इसके कारण नॉर्मल गाड़ियों के साथ-साथ लग्जरी कारों की मांग ऊपर गई है. हाल ही में 2026 के शुरुआती 6 महीने के आंकड़े निकलकर सामने आए हैं, जिसे देख हर कोई हैरान हुआ है, क्योंकि इस आधे वर्ष में लग्जरी कारें खूब बिकीं हैं. इस दौरान मर्सिडीज और बीएमडबल्यू ने सारे रिकॉर्ड ब्रेक किए हैं. आइए उसपर नजर डालते हैं.
मर्सिडीज की हुई रिकॉर्डतोड़ सेल
लग्जरी कारों के मामले में हमेशा से टॉप पर रहने वाली Mercedes Benz इंडिया ने इस वर्ष के शुरुआती 6 महीनों में ऑटोमोबाइल बाजार में धमाकेदार परफॉर्मेंस करके दिखाया है. इसे अब तक का सबड़े बढ़िया प्रदर्शन बताया जा रहा है. कर निर्माता कंपनी ने जनवरी 2026 से लेकर जून 2026 तक कुल 9,768 गाड़ियों की सेल कार दी है. पिछले साल के मुकाबले इस बार 9 प्रतिशत का अच्छा ग्रोथ देखने को मिला है.
सिर्फ 3 महीने में मर्सिडीज ने बनाया रिकॉर्ड
अप्रैल से जून की तिमाही में मर्सिडीज इंडिया ने 4,637 गाड़ियों को सेल करके एक नया मुकाम हासिल किया है. रिपोर्ट के अनुसार, इस कंपनी के सबसे कॉस्टली मॉडल जैसे Maybach और AMG सीरीज की मांग में 20 प्रतिशत से अधिक का ग्रोथ हुआ है.
BMW इलेक्ट्रिक सेगमेंट की बिक्री में उछाल
साल 2026 में बीएमडबल्यू ने मर्सिडीज को जबरदस्त टक्कर दी है. ऐसा करते हुए बीएमडबल्यू ग्रुप ने सेल के मामले में 17 प्रतिशत की उछाल हासिल की है. साल के स्टार्टिंग 6 महीने में कंपनी ने कुल रिकॉर्ड 9,075 ग्राहकों को कारें बेची हैं. ऐसा माना जा रहा है कि BMW की सेलिंग स्पीड के पीछे इलेक्ट्रिक सेगमेंट कारों का योगदान अधिक है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल बीएमडबल्यू की सेल होने वाली हर चौथी कार इलेक्ट्रिक है. इसकी वजह से कंपनी लग्जरी EV मार्केट में 60 परसेंट पार्टनरशिप के साथ नंबर-1 बन चुकी है. इसके अलावा ग्राहकों की पहली पसंद लॉंग व्हीलबेस वाली सेडान और SUV बनी हुई है.
क्यों बढ़ी देश में Mercedes और BMW की मांग?
देश में लगातार बीएमडबल्यू और मर्सिडीज जैसी लग्जरी कारों की बढ़ती डिमांड का बड़ा कारण लोगों की बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ती आमदनी है. रिपोर्ट्स की मानें, तो इंडिया में करोड़पति परिवारों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली है. यही वजह है कि महंगी कारों को स्टेटस सिंबल के तौर पर देखा जा रहा है.
कंपनियों की स्ट्रेटजी का बड़ा योगदान
इतना ही नहीं, कंपनियों की नई स्ट्रेटजी (बेहतरीन प्रोडक्ट मैन्युफैक्चर) का भी योगदान है. लगातार नए मॉडल्स को मार्केट में लॉन्च करना और ग्राहकों का न्यू तकनीक की तरफ झुकाव होना इस बिक्री के पीछे का मुख्य कारण है. गाड़ियों के साथ-साथ वर्तमान में कस्टमर्स प्रीमियम और लग्जरी ड्राइविंग खोजते हैं.
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