Honda Activa के लिए लिया Tata Nexon की कीमत के बराबर VIP नंबर, जानिए आरटीओ ई-ऑक्शन के नियम

जालंधर में एक स्कूटर के लिए 8.5 लाख रुपये से ज्यादा की बोली लगाकर वीआईपी नंबर खरीदा गया है. यह अनोखी घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. जानिए इस आरटीओ ई-ऑक्शन की पूरी कहानी.

Fancy Number E-Auction: पंजाब के जालंधर में इन दिनों गाड़ियों के वीआईपी नंबरों को लेकर एक अनोखा और चौंकाने वाला क्रेज देखने को मिल रहा है. आमतौर पर लोग अपनी महंगी और लग्जरी कारों के लिए लाखों रुपये खर्च करके फैंसी नंबर खरीदते हैं, लेकिन इस बार मामला बिल्कुल उलट है. रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) की हालिया ऑनलाइन नीलामी में एक शख्स ने स्कूटर के लिए इतनी भारी-भरकम बोली लगा दी कि सुनने वाले दंग रह गए. इस दिलचस्प वाकये ने सोशल मीडिया से लेकर ऑटोमोबाइल बाजार तक हर तरफ हलचल मचा दी है.

एक स्कूटर के नंबर की कीमत में आ जातीं 8 नई गाड़ियां

जालंधर आरटीओ की ई-ऑक्शन के दौरान 'PB 08 GA' सीरीज का सबसे खास नंबर '0001' पूरे 8 लाख 52 हजार 500 रुपये में नीलाम हुआ है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह वीआईपी नंबर किसी करोड़ों की गाड़ी के लिए नहीं, बल्कि एक साधारण होंडा एक्टिवा स्कूटर पर सजने के लिए खरीदा गया है. आज के समय में एक नई एक्टिवा की ऑन-रोड कीमत करीब 1.10 लाख रुपये के आसपास बैठती है. इस हिसाब से देखें तो जितनी कीमत सिर्फ इस एक नंबर प्लेट को हासिल करने में खर्च कर दी गई, उतने पैसों में शोरूम से चमचमाती हुई टाटा नेक्सॉन कार या 8 नयी एक्टिवा खरीदी जा सकती थीं.

अन्य वीआईपी नंबरों के लिए भी लगी लाखों की बोली

जालंधर के लोगों में खास नंबरों की दीवानगी सिर्फ '0001' तक ही सीमित नहीं रही. इस साप्ताहिक ऑनलाइन ऑक्शन में अन्य फैंसी डिजिट्स को पाने के लिए भी वाहन मालिकों ने अपनी जेबें ढीली कीं. आंकड़े बताते हैं कि इस नीलामी में भाग्यशाली माना जाने वाला '0007' नंबर 3 लाख 11 हजार रुपये में बिका. इसी तरह '0005' नंबर को 2 लाख 83 हजार रुपये की ऊंची बोली लगाकर खरीदा गया. इसके अलावा '0008' और इसी ग्रुप के अन्य अंकों की वीआईपी नंबर प्लेट्स भी दो-दो लाख रुपये की रेंज में नीलाम हुईं, जो यह साफ दिखाता है कि लोग अपनी गाड़ियों को यूनिक लुक देने के लिए कितना बड़ा रिस्क ले रहे हैं.

समझिए क्या है ऑनलाइन ई-ऑक्शन का पूरा गणित

अगर आप भी अपनी गाड़ी के लिए ऐसा कोई खास नंबर चाहते हैं, तो इसकी एक तय और पारदर्शी प्रक्रिया होती है. स्थानीय आरटीओ की वेबसाइट पर समय-समय पर इस तरह की बोलियां आयोजित की जाती हैं. पहले यहां अपना इंटरेस्ट दर्ज करना होता है. इसके बाद फाइनल बोली लगाने का दौर चलता है, जहां हर एक क्लिक के साथ बोली की रकम में सीधे 500 रुपये की बढ़ोतरी हो जाती है. नियमों के मुताबिक, '0001' से लेकर '0010' तक के सबसे प्रीमियम नंबरों का बेस या रिजर्व प्राइस ही 5 लाख रुपये तय होता है. इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आवेदकों को पहले 1 लाख रुपये की सिक्योरिटी मनी और 2,000 रुपये की आवेदन फीस एडवांस में जमा करनी पड़ती है.

स्टेटस सिंबल बना नंबर बाजार, सरकार की भी चांदी

गाड़ियों पर फैंसी नंबर प्लेट लगवाना आजकल सिर्फ पहचान का जरिया नहीं, बल्कि समाज में एक बड़ा स्टेटस सिंबल बन चुका है. लोग खुद को भीड़ से अलग और खास दिखाने के लिए इस तरह के वीआईपी डिजिट्स पर पानी की तरह पैसा बहाने को तैयार हैं. हालांकि, जालंधर के लिए यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी 'PB 08 FZ' सीरीज का '0001' नंबर 8 लाख 61 हजार रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर बिक चुका है. भले ही इस बार की बोली पिछली बार से करीब 8,500 रुपये कम रही हो, लेकिन एक स्कूटर के लिए इतनी बड़ी रकम चुकाना यह साबित करता है कि पंजाब के वाहन प्रेमियों का यह शौक आने वाले दिनों में और नये रिकॉर्ड बनाने वाला है.


ये भी पढ़ें: 2-Wheeler चोरी क्यों होते हैं? अपनी गाड़ी चोरों से बचाने के 9 जबरदस्त तरीके


ये भी पढ़ें: क्या हीरो स्प्लेंडर भारत की सबसे ज्यादा चोरी होने वाली बाइक है?


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >