यामाहा के हाइब्रिड स्कूटरों के ब्रेक में आई खराबी, 3 लाख इकाइयों होंगी वापस

नई दिल्ली: हाइब्रिड स्कूटरों के ब्रेक में खराबी आने की वजह से इंडिया यामाहा मोटर ने तीन लाख इकाइयों को वापस मंगाया है. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इंडिया यामाहा मोटर अपने 125 सीसी स्कूटर मॉडल रे जेडआर 125 एफआई हाइब्रिड और फैसिनो 125 एफआई हाइब्रिड की लगभग तीन लाख इकाइयां वापस मंगा रही है. […]

नई दिल्ली: हाइब्रिड स्कूटरों के ब्रेक में खराबी आने की वजह से इंडिया यामाहा मोटर ने तीन लाख इकाइयों को वापस मंगाया है. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इंडिया यामाहा मोटर अपने 125 सीसी स्कूटर मॉडल रे जेडआर 125 एफआई हाइब्रिड और फैसिनो 125 एफआई हाइब्रिड की लगभग तीन लाख इकाइयां वापस मंगा रही है. स्कूटर में ब्रेक के कलपुर्जे को ठीक करने के लिए इसे वापस मंगाया जा रहा है.

जनवरी 2022 के बाद बनाए गए हैं ये स्कूटर
दोपहिया वाहन बनाने वाली जापान की कंपनी ने कहा कि वह एक जनवरी, 2022 से चार जनवरी, 2024 के बीच बनाए गए हाइब्रिड स्कूटरों के इकाइयों को तत्काल प्रभाव से वापस मंगा रही है. कंपनी ने बयान में कहा कि वह उत्पादों की हाई क्वालिटी और सुरक्षा मानक को लेकर प्रतिबद्ध है. इसी के तहत इंडिया यामाहा मोटर (आईवाईएम) ने स्वैच्छिक रूप से 125 सीसी के स्कूटरों की लगभग 3,00,000 इकाइयों को वापस मंगाने की घोषणा की है.

फ्री में होगी मरम्मत
कंपनी की ओर से जारी किए गए बयान के अनुसार, वाहन वापस मंगाने का उद्देश्य रे जेडआर 125 एफआई हाइब्रिड और फैसिनो 125 एफआई हाइब्रिड स्कूटर मॉडल (जनवरी 2022 के बाद के मॉडल) की चुनिंदा इकाइयों में ‘ब्रेक लीवर’ के काम करने से जुड़ी समस्या का हल करना है. आईवाईएम ने बयान में कहा कि संबंधित ग्राहकों को कलपुर्जे मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

कहां से पता करें जानकारी
ग्राहक वाहन वापस मंगाये जाने की पात्रता के बारे में जानने के लिए कंपनी की वेबसाइट के सर्विस डिपार्टमेंट पर विजिट कर सकते हैं. चेसिस नंबर का ब्योरा दर्ज करने के बाद अपने स्कूटरों की फ्री में मरम्मत करा सकते हैं. इसके अलावा, ग्राहक मदद के लिए समीप के यामाहा सर्विस सेंटर पर जा सकते हैं.

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लेखक के बारे में

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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