Hyundai Creta खरीदने का बना रहे हैं प्लान, शोरूम जाने से पहले जान लें ये 3 फायदे और 2 नुकसान

हुंडई क्रेटा भारतीय बाजार में अपनी जगह बना चुकी है. इस आर्टिकल में क्रेटा को खरीदने के 3 कारण और न खरीदने के 2 कारण बताएंगे. इसमें इंजन और गियरबॉक्स के कई ऑप्शन मिलते हैं.

हुंडई क्रेटा (Hyundai Creta) ने अपने बड़े केबिन, कई सारे फीचर्स और इंजन के कई ऑप्शनंस के दम पर बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. मौजूदा मॉडल में 1.5 लीटर नेचुरल एस्पिरेटेड पेट्रोल, 1.5 लीटर डीजल और 1.5 लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन का ऑप्शन मिलता है. इसके साथ अलग अलग गियरबॉक्स के ऑप्शन भी मौजूद हैं. हालांकि, इसमें कुछ कमियां भी हैं. इस आर्टिकल में क्रेटा को खरीदने के 3 कारण और न खरीदने के 2 कारण दिए गए हैं.

खरीदने के 3 कारण

Hyundai Creta: बड़ा और आरामदायक केबिन

क्रेटा का केबिन इसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है, खासकर उन लोगों के लिए जो अक्सर पैसेंजर्स लेकर चलते हैं. पीछे की सीट पर पैरों के लिए अच्छी जगह है और तीन एडल्ट आराम से बैठ सकते हैं. पीछे की सीट में झुकने वाली बैकरेस्ट, आर्मरेस्ट, सन शेड और नेक पिलो जैसी सुविधाएं मिलती हैं. इसके अलावा चार्जिंग के लिए दो टाइप-सी यूएसबी पोर्ट दिए गए हैं.

आगे की सीटें आरामदायक हैं और बड़े शीशों की वजह से बाहर का नजारा साफ दिखता है. 4.3 मीटर की लंबाई और हल्के स्टीयरिंग के कारण इसे शहर में चलाना बहुत आसान है.

Hyundai Creta: फीचर्स की भरमार 

क्रेटा अपनी कैटेगरी में सबसे ज्यादा फीचर्स देने वाली गाड़ियों में शामिल है. मॉडल के हिसाब से इसमें 10.25 इंच का टचस्क्रीन, 10.25 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, पैनोरमिक सनरूफ, हवादार आगे की सीटें, पावर ड्राइवर सीट, डुअल जोन क्लाइमेट कंट्रोल, एयर प्यूरीफायर, 360 डिग्री कैमरा और बोस (Boss) का साउंड सिस्टम मिलता है. महंगे वेरिएंट्स में लेवल 2-ADAS भी दिया गया है, जिसमें अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन कीप असिस्ट और ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग शामिल है. इसमें कनेक्टेड कार फीचर्स भी मिलते हैं और AC के लिए बटन दिए गए हैं, जिससे काम आसान हो जाता है.

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Hyundai Creta: इंजन और गियरबॉक्स के कई ऑप्शन 

क्रेटा में मिडसाइज एसयूवी सेगमेंट में सबसे ज्यादा इंजन के ऑप्शन मिलते हैं. यह कुल 27 वेरिएंट में आती है और इसमें तीन इंजन के ऑप्शन हैं, जिसमें 115hp का 1.5 लीटर पेट्रोल, 160hp का 1.5 लीटर टर्बो पेट्रोल और 116hp का 1.5 लीटर डीजल शामिल हैं. इंजन के हिसाब से ग्राहक 6-स्पीड मैनुअल, सीवीटी, 6-स्पीड टॉर्क कनवर्टर ऑटोमैटिक या 7 स्पीड डुअल क्लच ऑटोमैटिक चुन सकते हैं.

ज्यादा स्पीड और स्पोर्टी लुक पसंद करने वालों के लिए एन लाइन मॉडल भी मौजूद है. इतने सारे इंजन, गियरबॉक्स और मॉडल की वजह से यह हर तरह के खरीदारों की जरूरतों को पूरा करती है.

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न खरीदने के 2 कारण

Hyundai Creta: केबिन की प्लास्टिक क्वालिटी कम 

हुंडई क्रेटा का केबिन दिखने में मॉडर्न लगता है और देखने में अच्छा है, लेकिन कुछ जगह पर प्लास्टिक की क्वालिटी थोड़ी कमजोर लगती है. डैशबोर्ड पर कोई सॉफ्ट टच मटेरियल नहीं दिया गया है. इसकी फिटिंग और फिनिशिंग भी हुंडई के बाकी मॉडल्स जितनी बेहतरीन नहीं है. सेंटर कंसोल पर दी गई चमक भी कुछ जगहों पर एक जैसी नहीं दिखती है.

इसके अलावा कुछ और छोटी कमियां भी हैं. पीछे बैठने वाले बीच के यात्री के लिए हेडरेस्ट नहीं दिया गया है और आगे का आर्मरेस्ट आगे पीछे खिसकाया नहीं जा सकता है.

Hyundai Creta: टॉप मॉडल की ज्यादा कीमत 

हुंडई क्रेटा के टॉप मॉडल की कीमत 20.11 लाख रुपये (एक्स शोरूम) तक जाती है. यह इस सेगमेंट में काफी महंगी है और अपने कुछ मुख्य मुकाबले वाले मॉडल्स से भी ज्यादा कीमत पर आती है. महंगे मॉडल्स में फीचर्स तो अच्छे मिलते हैं, लेकिन क्रेटा अब फीचर्स के मामले में सबसे आगे नहीं रही है. यह अपनी कैटेगरी में पुरानी गाड़ियों में से एक है, इसलिए कम बजट में ज्यादा फायदा चाहने वालों को इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा लग सकती है.


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लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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