Uber Hacked : 18 साल के लड़के ने उड़ा दी उबर की नींद, डेटा नेटवर्क में लगायी सेंध, जानें कैसे हुआ ये

Uber Hacked : खबर की मानें तो, हैकर एक 18 साल का लड़का था और उसने उबर के कमजोर डेटा सुरक्षा नेटवर्क का लाभ उठा लिया और इसमें सेंध लगाने में वह सफल रहा. युग लैब्स के इंजीनियर सैम करी ने कहा कि ऐसा लगता है कि हैकर ने एक बड़े डेटा में सेंधमारी की है.

Uber Hacked Updates : ऑनलाइन कैब सेवा प्रदान करने वाली कंपनी उबर को लेकर बड़ी खबर आ रही है. जी हां…उबर ने अपने डेटा नेटवर्क में सेंधमारी की घटना की जानकारी दी है. कंपनी ने इस संबंध में कानूनी एजेंसियों को बताया है और कहा है कि वह साइबर सुरक्षा के इस मसले से निपटने का प्रयास कर रही है.

उबर ने इस बाबत एक मेल किया है. कंपनी ने ईमेल में कहा कि वह साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक घटना से उपजे हालात से निपटने की प्रक्रिया में है. इसके साथ ही उसने कहा कि वह लगातार पुलिस एवं अन्य एजेंसियों के संपर्क में है और किसी भी प्रगति की जानकारी से अवगत कराती रहेगी.

डेटा नेटवर्क की सुरक्षा में सेंध

दरअसल, एक हैकर ने उबर के डेटा नेटवर्क की सुरक्षा में सेंध मारा है. साथ ही बड़े पैमाने पर डाटा पर अटैक किया है. इस संबंध में ‘द टाइम्स’ ने भी खबर प्रकाशित की है. खबर की मानें तो, हैकर एक 18 साल का लड़का था और उसने उबर के कमजोर डेटा सुरक्षा नेटवर्क का लाभ उठा लिया और इसमें सेंध लगाने में वह सफल रहा.

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने क्या कहा

वहीं ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ का कहना है कि इस डेटा सेंधमारी की जिम्मेदारी लेने वाले युवक ने सोशल इंजीनियरिंग को जरिया बनाया और डेटा नेटवर्क तक पहुंच गया. हैकर का दावा है कि उसने उबर के एक कर्मचारी को तकनीकी कर्मचारी बनकर एक लिखित संदेश भेजने का काम किया. इसके बाद उसे पासवर्ड देने के लिए मना लिया. इस बारे में एक सुरक्षा इंजीनियर ने कहा कि सेंधमारी करने वाले युवक ने उबर की महत्वपूर्ण प्रणालियों तक पहुंच बनाने के सबूत भी साझा किये हैं.

अमेजन और गूगल पर भी असर

इस संबंध में युग लैब्स के इंजीनियर सैम करी ने कहा कि ऐसा लगता है कि हैकर ने एक बड़े डेटा में सेंधमारी की है. सेंधमारी की जद में अमेजन और गूगल के क्लाउड नेटवर्क पर मौजूद उबर के डेटा स्टोर भी आ गये हैं. हालांकि, इस तरह का कोई संकेत नहीं मिला है कि इस हैकिंग से उबर के वाहनों के बेड़े या उनके परिचालन पर कोई असर पड़ा है. करी का यह भी मानना है कि हैकर ने यह पूरी कवायद प्रचार पाने की नीयत से की है क्योंकि उसने डेटा को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया है. हैकर ने सुरक्षा इंजीनियरों के साथ एक टेलीग्राम अकाउंट भी साझा करने का काम किया है.

‘द एसोसिएटेड प्रेस’ ने क्या कहा

हालांकि, ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ ने जब इस टेलीग्राम अकाउंट पर हैकर से संपर्क करने की कोशिश की तो उसकी ओर से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं देखने को मिली. वैसे उबर के डेटा नेटवर्क में एक बार पहले भी सेंध लग चुकी है. वर्ष 2016 में हुई उस हैकिंग के दौरान उबर के करीब 5.7 करोड़ उपभोक्ताओं एवं ड्राइवरों से संबंधित निजी जानकारियां खतरे में पड़ी थीं.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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