CORONA के कहर के बीच Google ने Doodle बनाकर किया Ignaz Semmelweis को याद

Google Doodle Today Dr Ignaz Semmelweis: आज जब दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण तेजी से फैल रहा है और पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कहर से बचने के उपाय खोजने में जुटी है, ऐसे समय में सर्च इंजन गूगल (Google) ने हाथ धोने की जरूरत पर जोर देते हुए एक खास व्यक्ति को डूडल बनाकर याद किया है.

Google Doodle Today Dr Ignaz Semmelweis: आज जब दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण तेजी से फैल रहा है और पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कहर से बचने के उपाय खोजने में जुटी है, ऐसे समय में सर्च इंजन गूगल (Google) ने हाथ धोने की जरूरत पर जोर देते हुए एक खास व्यक्ति को डूडल बनाकर याद किया है.

ये शख्स हैं डॉ इग्नाज सेमेलवीज (Dr Ignaz Semmelweis). इन्हें पूरी दुनिया ‘फादर ऑफ इन्फेक्शन कंट्रोल’ (father of infection control) के नाम से जानती है. डॉ सेमेलवीज की तस्वीर गूगल डूडल (Google Doodle) में हाथ धोने के तरीकों के साथ देखी जा सकती है. गूगल ने इनका एक वीडियो भी बनाया है, जिसमें हाथ धोने के तरीकों के बारे में दिखाया गया है.

बताते चलें कि गूगल अलग-अलग मौकों पर अपने होमपेज पर डूडल बनाता है और आज यह ‘फादर ऑफ इन्फेक्शन कंट्रोल’ के नाम है. यह टाइटल हंगरी के डॉक्टर इग्नैज सेमेलवीज को दिया गया है और उन्हें हाथ धोने की जरूरत फायदे बताने वाला पहला शख्स माना जाता है.

हंगरी के फिजीशियन इग्नाज ने सबसे पहले हाथ धोने के मेडिकल बेनिफिट्स बताये थे. 20 मार्च 1847 को सेमेलवीज ने वियना जनरल हॉस्पिटल के मैटरनिटी क्लीनिक में साफ हाथों की जरूरत पर जोर दिया. इस क्लीनिक में उन्हें चीफ रेजिडेंट बनाया गया था, जिसके बाद उन्होंने सभी फिजीशियंस से उनके हाथ क्लोरिनेटेड लाइम सॉलूशन की मदद से डिसइन्फेक्ट करने को कहा.

बताते चलें कि इग्नैज को मैटरनिटी क्लीनिक का चीफ रेजिडेंट बनाये जाने से पहले मां बनने वाली महिलाएं बड़ी संख्या में इन्फेक्शन और डिलीवरी के बाद होने वाले बुखार के चलते जान गंवा रही थीं. इसकी वजह जानने की कोशिश में डॉक्टर इग्नाज को पता चला कि कई डॉक्टरों के हाथ पर मौजूद संक्रामक बीमारियां ढंग से हाथ न धोने की वजह से अन्य लोगों तक पहुंच रही थीं.

इसका पता चलने के बाद डॉ सेमेलवीज साथी डॉक्टरों से काफी नाराज हुए और साफ-सफाई का ख्याल न रखने के लिए उनपर हत्या के आरोप लगाये. उन्हें मेंटल हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ा, जहां उनकी मौत हो गई. इग्नाज की मौत के बाद ही सामने आया कि हाथ धोने की जरूरत को लेकर किये गए उनके दावे सही थे. उनके प्रस्ताव को 1840 में वियना में लागू किया गया. हाथ धोने की व्यवस्था लागू करने के बाद मृत्यु दर में तेजी से गिरावट आयी. उनके काम को याद करते हुए गूगल ने डूडल शेयर किया है, जिसमें हाथ धोने का सही तरीका दिखाया गया है.

कोरोना से बचने को लेकर आज पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बतायी जाने वाली बात यही है कि आप अपने हाथ साफ रखें, समय-समय पर उसे धोते रहें. उसे 20 से 40 सेकेंड तक अच्छे से धोएं. इससे आप बैक्टीरिया और वायरसों को शरीर के अंदर जाने से रोक सकते हैं. बताते चलें कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की ओर से भी दुनियाभर में लोगों से बार-बार सही ढंग से हाथ धोते रहने को कहा जा रहा है. तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस से बचे रहने के लिए साफ-सफाई का यह सबसे कारगर तरीका है.

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Author: Rajeev Kumar

Published by: Prabhat Khabar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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