पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतें हर महीने आम आदमी की जेब का बजट बिगाड़ देती हैं. चाहे रोज दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोग हों या परिवार के साथ लॉन्ग ड्राइव पर निकलने वाले कार चालक, वाहन का गिरता माइलेज हर किसी के लिए चिंता का विषय बन जाता है. ज्यादातर लोग सोचते हैं कि माइलेज कम होने पर इंजन में कोई बड़ी खराबी आ गई है या महंगा पार्ट्स बदलना पड़ेगा, लेकिन असलियत यह है कि वाहन ईंधन की कितनी खपत करेगा, यह 80 प्रतिशत आपके ड्राइव करने के अंदाज पर तय होता है. ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स का मानना है कि वाहन चलाने की कुछ गलत आदतों को सुधारकर आप बिना एक भी रुपया खर्च किए अपनी बाइक या कार का माइलेज 20 से 30 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं.
टायरों में सही हवा का दबाव (PSI) है बेहद जरूरी
कम हवा वाले टायरों के साथ गाड़ी चलाना ऐसा है जैसे आप पानी में तैरने के बजाय जमीन पर घिसट रहे हों. जब टायरों में रिकमेंडेड पीएसआई (PSI) से कम हवा होती है, तो सड़क और टायर के बीच घर्षण (Friction) काफी बढ़ जाता है. इससे इंजन को वाहन खींचने में ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है. हर हफ्ते या पेट्रोल पंप पर तेल भरवाते समय टायरों का एयर प्रेशर जरूर चेक कराएं. सही टायर प्रेशर से न सिर्फ माइलेज सुधरता है, बल्कि टायरों की उम्र भी लंबी होती है.
क्लच पर हाथ/पैर रखने की आदत तुरंत बदलें
बाइक या कार चलाते समय क्लच पेडल या लीवर पर हल्का हाथ या पैर टिकाकर रखना सबसे आम और नुकसानदेह आदतों में से एक है. ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में इसे 'क्लच राइडिंग' कहा जाता है. जब आप क्लच को पूरा रिलीज नहीं करते, तो इंजन की बनाई पावर पहियों तक पूरी तरह ट्रांसफर नहीं हो पाती है. इसका सीधा नतीजा यह होता है कि इंजन को वाहन आगे बढ़ाने के लिए अधिक ताकत लगानी पड़ती है और ईंधन बेवजह जलता है. गियर बदलने के तुरंत बाद क्लच से पैर पूरी तरह हटा लेना चाहिए, इससे क्लच प्लेट्स की लाइफ भी बढ़ती है.
गियर रेशियो और आरपीएम (RPM) का सही तालमेल
गलत समय पर गियर बदलना इंजन पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे तेल की खपत तेजी से बढ़ती है. अक्सर लोग कम स्पीड में बड़ा गियर लगाकर गाड़ी खींचते हैं या फिर तेज स्पीड में छोटे गियर पर ही रेस देते रहते हैं. दोनों ही स्थितियां माइलेज की दुश्मन हैं. कार चालकों को हमेशा 2000 आरपीएम (RPM) के आसपास गियर अपशिफ्ट कर लेना चाहिए. वहीं बाइक चलाते समय स्पीडोमीटर और इंजन की आवाज के हिसाब से सही गियर का चयन करना ईंधन दक्षता को बेहतरीन बनाए रखता है.
ट्रैफिक सिग्नल और जाम में आइडलिंग से बचें
लाल बत्ती या भारी ट्रैफिक जाम में जब गाड़ी काफी देर तक स्टार्ट खड़ी रहती है, तो वह बिना एक मीटर दूरी तय किए लगातार पेट्रोल की खपत करती है. अगर किसी रेड लाइट या रेलवे क्रॉसिंग पर रुकने का समय 15 से 20 सेकंड से अधिक है, तो इंजन बंद कर देना सबसे समझदारी भरा कदम है. नई कारों में आने वाले ऑटो स्टार्ट-स्टॉप फीचर का इस्तेमाल करें, जो ब्रेक छोड़ते ही गाड़ी को फिर से स्टार्ट कर देता है. यह छोटी सी आदत महीने के अंत में सैकड़ों रुपये की बचत करा सकती है.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्या कार का एयर कंडीशनर (AC) चालू रखने से पेट्रोल की खपत बढ़ती है?
उत्तर: जी हां, कार का एसी कंप्रेसर सीधे इंजन से पावर लेता है. एसी चालू रहने पर इंजन पर अतिरिक्त लोड पड़ता है, जिससे औसतन 10 से 15 प्रतिशत तक माइलेज में गिरावट आ सकती है.
Q2. कार या बाइक के लिए सबसे सही माइलेज स्पीड (Economy Speed) क्या है?
उत्तर: सामान्य तौर पर टॉप गियर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्थिर गति को सबसे किफायती माना जाता है. इस स्पीड पर हवा का रेजिस्टेंस कम रहता है और इंजन सबसे बेहतर माइलेज देता है.
Q3. मुझे अपनी गाड़ी के टायरों में कितना पीएसआई (PSI) हवा रखनी चाहिए?
उत्तर: हर वाहन के लिए सही PSI अलग होता है. इसकी सटीक जानकारी आपके वाहन के मैन्युअल या ड्राइवर साइड के दरवाजे के पिलर पर दिए गए स्टीकर पर दर्ज होती है.
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