Flood Watch App: सात दिन पहले बाढ़ की जानकारी देगा यह ऐप, सरकार ने कर दिया लॉन्च

केंद्र सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पर 'रियल टाइम' जानकारी प्रदान करने के लिए एक ऐप लॉन्च किया है. केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने कहा कि 'फ्लडवॉच' ऐप 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'रियल टाइम' में बाढ़ से जुड़े अपडेट भेजने के लिए 338 स्टेशनों से आंकड़े इकट्ठा करेगा.

Real Time Flood Watch App: कई मौकों पर ऐसा होता है कि बाढ़ की जानकारी लोगों को नहीं हो पाती और अचानक आये पानी से उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है. आनन-फानन घर तक छोड़ने पड़ते हैं. इस ऐप का उद्देश्य ऐसी स्थिति से लोगों को बचाना ही है. बाढ़ की स्थिति से बचाने के लिए सरकार ने टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है.

केंद्र सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पर ‘रियल टाइम’ जानकारी प्रदान करने के लिए एक ऐप लॉन्च किया है. केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष कुशविंदर वोहरा ने कहा कि ‘फ्लडवॉच’ ऐप 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ‘रियल टाइम’ में बाढ़ से जुड़े अपडेट भेजने के लिए 338 स्टेशनों से आंकड़े इकट्ठा करेगा.

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वोहरा ने ‘फ्लडवॉच’ लॉन्च करते हुए कहा कि ऐप का उद्देश्य बाढ़ से संबंधित जानकारी प्रसारित करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करना है. इसमें सात दिनों तक का पूर्वानुमान प्रदान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह ऐप सटीक और समय पर बाढ़ पूर्वानुमान देने के लिए उपग्रह डेटा विश्लेषण, गणितीय मॉडलिंग और वास्तविक समय की निगरानी जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करता है.

वोहरा ने कहा, ऐप उपयोगकर्ताओं के अनुकूल बनाया गया है, जिससे सभी के लिए बाढ़ संबंधी जानकारी लेना आसान हो जाएगा तथा यह बाढ़ की घटनाओं के दौरान जोखिम को कम करेगा. सीडब्ल्यूसी प्रमुख ने कहा, ‘फ्लडवॉच’ लिखित और ऑडियो दोनों प्रारूपों में चेतावनी संदेश और बाढ़ का पूर्वानुमान भेजेगा.

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अगर आप इस ऐप का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो मोबाइल में प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा. फ्लड वॉच ऐप सर्च करने पर ऐप दिखेगा, जिसे डाउनलोड करना होगा. जरूरी परमिशन के बाद ये ऐप देश के हर जगह की बाढ़ की स्थिति के बारे में बताएगा. आपके आसपास कहां कितना पानी है, इस ऐप के जरिये पता लगा सकते हैं.

यह ऐप वर्तमान में हिंदी और अंग्रेजी भाषा में सूचनाएं प्रसारित करेगा लेकिन जल्द ही इसे अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी विस्तारित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि यह ऐप सीडब्ल्यूसी द्वारा निर्मित किया गया है. हालांकि, बाढ़ प्रभावित हिमाचल प्रदेश इस ऐप से नहीं जुड़ा है और इसकी सेवाएं छह महीने के भीतर राज्य में उपलब्ध होंगी.

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Author: Rajeev Kumar

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