CORONA का असर : YouTube की वीडियो क्वालिटी HD से घटकर SD पर आयी

Corona Lockdown YouTube Coronavirus Crisis: कोरोनावायरस संकट को नजर में रखते हुए Google के स्वामित्व वाली YouTube ने घोषणा की है कि कंपनी बैंडविड्थ को बचाने के लिए अपने प्लेटफॉर्म पर वीडियो की क्वालिटी को डिफॉल्ट रूप से स्टैंडर्ड डेफिनिशन (SD) पर सेट कर देगी.

Corona Lockdown YouTube Coronavirus Crisis: कोरोनावायरस संकट को नजर में रखते हुए Google के स्वामित्व वाली YouTube ने घोषणा की है कि कंपनी बैंडविड्थ को बचाने के लिए अपने प्लेटफॉर्म पर वीडियो की क्वालिटी को डिफॉल्ट रूप से स्टैंडर्ड डेफिनिशन (SD) पर सेट कर देगी.

बताते चलें कि कोरोनावायरस को लेकर दुनियाभर में लागू किये गए ‘वर्क फ्रॉम होम’ प्रोग्राम के चलते बैंडविड्थ के कम होने की आशंकाओं के कारण कई वीडियो स्ट्रीमिंग कंपनियां यह फैसला ले रही हैं कि उनकी यूजेज बुनियादी ढांचे के रास्ते में ना आये.

इससे पहले, नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम और हॉटस्टार जैसी अन्य स्ट्रीमिंग सेवाओं ने भी इस प्रकार के कदम उठाये हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस मुश्किल समय के दौरान नेटवर्क में लोड कम से कम रहे.

YouTube India ने कहा है कि वे अस्थायी रूप से HD और अल्ट्रा-एचडी स्ट्रीमिंग को डिफॉल्ट रूप से SD में सेट कर देंगे, जिसका बिटरेट मोबाइल नेटवर्क पर 480p से अधिक नहीं होगा. यह फैसला 14 अप्रैल तक के लिए लिया गया है.

YouTube के अलावा, कंपनी ने अपने होमपेज पर एक प्रोमो कार्ड बनाया है जो कोरोनावायरस (कोविड-19) को लेकर अप-टू-डेट जानकारी के लिए MoHFW वेबसाइट के साथ लिंक है.

कोरोनोवायरस के बारे में जानकारी, सर्च रिजल्ट और वीडियो भी डब्ल्यूएचओ जैसे विश्वसनीय स्रोतों के जरिये दी जाएगी. साथ ही यह भी कहा गया है कि यह वायरस के प्रसार को रोकने के लिए टिप्स की स्पेशल तौर पर तैयार प्लेलिस्ट भी दिखायी जाएगी.

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Author: Rajeev Kumar

Published by: Prabhat Khabar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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